बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र के कारण छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के अनेक राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान अर्नब के बाद एक बार फिर चक्रवात की आशंका जताई है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब लगातार मजबूत हो रहा है और यह अगले 24 घंटे के भीतर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।
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बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र के कारण छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के अनेक राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान अर्नब के बाद एक बार फिर चक्रवात की आशंका जताई है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब लगातार मजबूत हो रहा है और यह अगले 24 घंटे के भीतर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस मौसमी बदलाव के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है।
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प्रदेश में ठंड और बारिश के आसार
इस चक्रवाती प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में 3 और 4 नवंबर को झमाझम बारिश होने के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम में आए इस बदलाव के चलते आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट आएगी और मौसम में ठंडक बढ़ेगी। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है और बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से राज्य का मौसम तेजी से बदलेगा।
तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ता तंत्र
मौसम विज्ञानियों के अनुसार समुद्र में बना अवदाब तेजी से अपनी ताकत बढ़ा रहा है। अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण इसके अगले 24 घंटे में चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की प्रबल संभावना है। यह मौसमी प्रणाली आगे बढ़ते हुए मंगलवार शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकती है। मौसम वैज्ञानिक समुद्र में बन रहे इस तंत्र की गति, दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसके तटीय इलाकों के पास पहुंचने के बाद तेज हवाएं चलने और बारिश का प्रभाव तेजी से बढ़ने का अनुमान है। समुद्र से आने वाली नमी और तंत्र की दिशा पर बारिश का वास्तविक प्रभाव निर्भर करेगा।
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फसलों की सुरक्षा के लिए अलर्ट
नवंबर की शुरुआत में संभावित बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने आम नागरिकों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में कटाई के लिए तैयार धान तथा खुले स्थानों पर रखी फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा है। तेज हवाओं और बारिश की आशंका के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है। इसके अलावा, खराब मौसम के समय खुले स्थानों पर अनावश्यक आवाजाही न करने की हिदायत भी जारी की गई है।