Gallantry Award 'Shaurya Chakra: छत्तीसगढ़ के तीन जवान आज प्रतिष्ठित वीरता सम्मान शौर्य चक्र से सम्मानित होंगे। असम रायफल में पदस्थ जवान भोजराम साहू को मणिपुर में आंतकियों के साथ मुठभेड़ में अदम्य साहस और वीरता के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
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Gallantry Award 'Shaurya Chakra: छत्तीसगढ़ के तीन जवान आज प्रतिष्ठित वीरता सम्मान शौर्य चक्र से सम्मानित होंगे। असम रायफल में पदस्थ जवान भोजराम साहू को मणिपुर में आंतकियों के साथ मुठभेड़ में अदम्य साहस और वीरता के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में नक्सल अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख भी इस सम्मान से अलंकृत किये जायेंगे। नई दिल्ली में आज सोमवार को राष्टपति द्रौपदी मुर्मू तीनों जवानों को सम्मानित करेंगी।
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‘राम-लक्ष्मण’ ने निभाई अहम भूमिका
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों में अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले पुलिस अधिकारी निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख को आज ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया जाएगा। राजनांदगांव और बस्तर के दुर्गम जंगलों में वर्षों से नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व कर रहे दोनों जांबाज अफसरों ने कई सफल ऑपरेशनों को अंजाम दे चुके हैं।
नक्सल एनकाउंटर स्पेशलिस्ट
पुलिस महकमे में दोनों अधिकारियों को नक्सल एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में जाना जाता है। निरीक्षक लक्ष्मण केवट अब तक 97 नक्सलियों के खिलाफ सफल अभियानों का हिस्सा रहे हैं, जबकि निरीक्षक रामेश्वर देशमुख 56 नक्सलियों के विरुद्ध हुई कार्रवाइयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
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असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू ने बताया कि 15 नवंबर, 2024 को मणिपुर के टेंगनोपाल में आतंकियों के घुसने की सूचना मिली थी। करीब 9:30 बजे आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमें भोजराम साहू को एक गोली भी लगी थी, लेकिन उनका हौंसला नहीं टूटा, जवाब कार्रवाई में भोजराम ने फायरिंग नहीं रोकी। इस वजह से आतंकियों को मैदान छोड़कर भागना पड़ा। इस कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गये थे। बता दें कि भोजराम साहू, बालोद जिले के आदिवासी विकास खण्ड डौंडी के गांव ढोर्रीठेमा के रहने वाले हैं। वह असम रायफल में पदस्थ हैं।