छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के बेल्हा के रहने वाले विनीत कुमार दुबे रूस में सात अक्टूबर से लापता हैं। मामले में उनकी बहन ने रूस में बंधक बनाकर मारपीट करने और युद्ध में शामिल होने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इस मामले में अमर उजाला से खास बातचीत में विनीत दुबे की बहन आशी दुबे ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए है।
उन्होंने कहा कि उनके भाई को रूस के स्थानीय प्रशासन ड्रग्स मामले में फंसाकर रूस की तरफ से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उनके भाई को शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है। ड्रग्स मामले के आरोप में फंसाकर परेशान किया जा रहा है। इस संबंध में आशी ने छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा और बिलासपुर सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से छत्तीसगढ़ लाने के लिए मदद की गुहार लगाई है। इस संबंध में बिल्हा पुलिस थाने और बिलासपुर एसपीएसपी को आवेदन देकर प्रशासन से मदद मांगी है।
आशी ने बताया कि पुलिस ने विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास से संपर्क किया है। उन्होंने बताया कि टेलीग्राम के माध्यम से उनके भाई को जॉब के लिए ऑफर मिला था। सबसे पहले 1200 डॉलर और उसके बाद जॉब प्रोफाइल बदलाव करते हुए ₹700 डालर दिए जाने की बात कही गई थी। रूस पहुंचने के बाद उनका भाई सात अक्तूबर से रहस्यमय तरीके से लापता है। भाई की सुरक्षा को लेकर चिंतित बहन आशी दुबे ने बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह से मुलाकात कर उसकी सुरक्षित भारत वापसी कराने की गुहार लगाई है।
टेलीग्राम से मिली थी नौकरी की जानकारी
परिवार के अनुसार विनीत कुमार दुबे को टेलीग्राम के एक समूह के माध्यम से रूस में नौकरी मिलने की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह बेहतर रोजगार की उम्मीद लेकर रूस रवाना हुआ और एक अक्तूबर को मॉस्को पहुंचा। वहां पहुंचने के तुरंत बाद स्थितियां अचानक बदल गईं और विनीत को भारतीय दूतावास नहीं जाने दिया जा रहा है। संपर्क करने पर पाबंदी लगा दी गई। उनके साथ मारपीट किया जा रहा है। शुरुआत में उसे मॉस्को के एक होटल में ठहराया गया था। इसके बाद कुछ लोग उसे वोल्गोग्राद ले गए और वहां एक अपार्टमेंट में रखा गया। सात अक्तूबर की सुबह करीब सात बजे कुछ लोग विनीत को एक कार में बैठाकर अज्ञात स्थान पर ले गए।
मारपीट और भूखा रखकर प्रताड़ित करने का आरोप
आशी ने बताया कि अज्ञात स्थान पर ले जाकर विनीत पर निवास से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी करने और युद्ध में शामिल होने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। जब विनीत ने युद्ध में जाने से साफ इन्कार कर दिया, तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे भूखा रखकर प्रताड़ित किया गया। स्वजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उस पर दबाव बनाने के लिए उसे मादक पदार्थों से जुड़े झूठे मामले में फंसाने की साजिश भी रची गई। उन्होंने बताया की विनीत के साथ हुई इन घटनाओं की जानकारी परिवार को किशोर नाम के युवक ने व्हाट्सएप के माध्यम से दी। सात अक्तूबर के बाद से विनीत का अपने परिवार से संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे परिजन अनहोनी की आशंका से तनाव में हैं।
विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास से संपर्क
पीड़ित परिवार की शिकायत और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मामले में त्वरित कदम उठाए हैं। उन्होंने विनीत की वर्तमान स्थिति और स्थान का पता लगाने के लिए भारत के विदेश मंत्रालय और दिल्ली स्थित रूसी दूतावास से लिखित पत्राचार किया है। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर विनीत का सुराग जुटाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विनीत के स्वजनों ने केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन से जल्द से जल्द कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि विनीत की सुरक्षा निर्धारित कर उसे सकुशल अपने देश वापस लाया जा सके।