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कांग्रेस का पलटवार: सुशील आनंद बोले- मोदी सरकार की अपेक्षा भूपेश राज में छत्तीसगढ़ के किसान ज्यादा खुशहाल

Sat, 10 Jun 2023 11:04 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बीजेपी प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के बयान पर पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अरुण साव केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीति का समर्थन करके भाजपा के और मोदी सरकार के किसान विरोधी चरित्र को उजागर किया है।
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सुशील आनंद शुक्ला, अरुण साव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बीजेपी प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के बयान पर पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अरुण साव केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीति का समर्थन करके भाजपा के और मोदी सरकार के किसान विरोधी चरित्र को उजागर किया है। मोदी सरकार की अपेक्षा भूपेश सरकार में छत्तीसगढ़ में किसान ज्यादा खुशहाल है। छत्तीसगढ़ के किसानों को उनकी उपज की सबसे ज्यादा कीमत मिल रही है। छत्तीसगढ़ में 20 लाख किसानों का कांग्रेस सरकार ने कर्जा माफ किया है।

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पत्रवार्ता लेकर उन्होंने कहा कि अरुण साव दावा कर रहे कि मोदी सरकार ने 9 साल में देश के किसानों पर 2.60 लाख करोड़ खर्च किया जबकि कांग्रेस की भूपेश सरकार ने पिछले साढ़े 4 सालों में छत्तीसगढ़ के किसानों के खाते में 1.70 लाख करोड़ रुपए से अधिक सीधे अंतरित किया है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद खेती का रकबा बढ़कर 32 लाख हेक्टेयर हो गया तथा खेती करने वाले किसानों की संख्या 12 लाख से बढ़कर 26 लाख हो गयी। छत्तीसगढ़ में धान का खरीदी भी 55 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 107 लाख मीट्रिक टन हो गया। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद किसानों की आत्महत्या का दौर खत्म होकर खुशहाली का दौर शुरू हो गया। रमन राज में 15000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या किया था जो अब छत्तीसगढ़ का किसान आत्महत्या नहीं करता है।

'मोदी सरकार लगातार धोखेबाजी कर रही'
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक किसानों के साथ मोदी सरकार लगातार धोखेबाजी कर रही है। यूपीए सरकार के 10 सालों में धान के समर्थन मूल्य में 142.85 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गयी थी। जब मनमोहन सरकार बनी तब धान का समर्थन मूल्य 560 रु था, मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार में धान का समर्थन मूल्य बढ़कर 1360 रु. हो गया था। मोदी सरकार के 10वें साल में धान का मूल्य अब जाकर 2183 रु. घोषित हुआ है जो यूपीए सरकार में मिलने वाली कीमत में मात्र 60.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। 
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'नहीं किए वादे पूरे'
उन्होंने कहा कि मोदी ने साल 2014 के चुनाव के पहले वायदा किया था कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी की जायेगी। कृषि उपज के लागत मूल्य का ज्यादा समर्थन मूल्य घोषित किया जाएगा, लेकिन स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को मानने का भरोसा दिलाने वाले मोदी ने हर साल किसानों से धोखा किया। मोदी और भाजपा किसान से दो बड़े वादे कर सत्ता में आए। पहला वादा था, किसान के समर्थन मूल्य की लागत+50 प्रतिशत मुनाफा पर निर्धारित करना। दूसरा वादा था कि इस मूल्य निर्धारण के फॉमूले से साल 2022 तक देश के 62 करोड़ किसान की आय दोगुनी हो जाना। दोनों बातें सफेद झूठ साबित हुई है। किसान साल दर साल ठगे जाते रहे। पत्रकारवार्ता में प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा भी मौजूद रहे। 

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