CG Dussehra 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हर साल की तरह इस वर्ष भी भव्य तरीके से विजयादशमी का पर्व मनाया गया। इस साल डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े 101 फीट के रावण का पुतला का दहन किया गया। प्रदेश के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय ने रावण के पुतला को जलाया। वहीं 80-80 फीट के मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का भी दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने जय श्रीराम...जय श्रीराम...के नारे लगाये।
यहां देखें डब्ल्यूआरएस मैदान से रावण दहन के दहन का लाइव वीडियो-
विज्ञापन
2 of 8
शानदार आतिशाबाजी ने मोहा मन
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
इस दौरान पश्चिम बंगाल से विशेषतौर पर आये कलाकारों ने रोमांचक आतिशबाजी की। इसे देखने बड़ी संख्या में लोग डब्ल्यूआरएस कॉलोनी मैदान पहुंचे। कार्यक्रम में विशाल जनसमूह ने रावण दहन और आतिशबाजी का रोमांचक दृश्य देखा और देर तक उत्सव का आनंद लिया।यहां 55 वर्षों से दशहरा का पर्व भव्य तरीके से मनाया जाता है।
विज्ञापन
3 of 8
राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंच पर आसीन रहे।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंच पर आसीन रहे। राज्यपाल डेका ने कहा कि विजयादशमी का यह पर्व आत्ममंथन का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि आज हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि अपने भीतर के अहंकार और बुराई का त्याग कर समाज और राष्ट्र की प्रगति में सकारात्मक भूमिका निभाएं।
4 of 8
कार्यक्रम को संबोधित करते छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दशहरा का पर्व अधर्म पर धर्म की, असत्य पर सत्य की और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। यह पर्व हमें अपने भीतर के नकारात्मक विचारों और प्रवृत्तियों को त्यागकर सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
विज्ञापन
5 of 8
मंच पर उपस्थित अतिथि। राज्यपाल ने रिमोट से बटन दबार किया रावण के पुतला का दहन
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालुगण उपस्थित थे।
विज्ञापन
6 of 8
रावण, कुंभकरण और मेघनाद का पुतला दहन
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
इस दौरान सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने खास तैयारी की थी। ताकि लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।
विज्ञापन
7 of 8
रावण के पुतले का दहन
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
दशहरा मैदान के पास में ही रेलवे ट्रेक होने से गुजरने वाली सभी ट्रेनें 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी गति से चली।
वहीं जिला प्रशासन ने सुरक्षा एतहियात को लेकर जनता से रेल पटरी पर न बैठने और खड़े न होने का भी आग्रह किया था। बता दें कि यहां एक बार हादसा हो चुका है। इसके बाद से हर साल प्रशासन सर्तक रहता है।