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'बातचीत के दरवाजे खुले पर हिंसा मंजूर नहीं ': डिप्टी सीएम विजय शर्मा बोले- सार्वजनिक हो शांतिवार्ता की शर्ते

Wed, 02 Apr 2025 08:35 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की सार्थक वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते कि इसके लिए कोई शर्त न हो। 
 
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उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई के बाद अब नक्सलियों ने संघर्ष विराम की मांग की है। पत्र जारी कर कहा गया है कि सरकार अगर ऑपरेशन बंद करने का ऐलान करती है, तो नक्सली बात करने को तैयार हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की सार्थक वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते कि इसके लिए कोई शर्त न हो। 
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उन्होंने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत के लिए इच्छुक हैं, तो उन्हें अपने प्रतिनिधि और वार्ता की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना होगा। डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि वार्ता का स्वरूप किसी कट्टरपंथी विचारधारा की तर्ज पर नहीं हो सकता। यदि कोई चर्चा करना चाहता है, तो उसे भारतीय संविधान की मान्यता स्वीकार करनी होगी। उन्होंने कहा कि अगर संविधान को नकारते हैं और समानांतर व्यवस्था थोपने की कोशिश करते हैं, तो वार्ता का कोई औचित्य नहीं रहता।
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डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है, जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें इस नीति के तहत सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि जो लोग भटके हुए हैं, वे समाज में वापस आएं और एक व्यवस्थित जीवन यापन करें।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते एक से डेढ़ सालों में 40 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जहां पहले तक नक्सली कानून थोपने की कोशिश करते थे। उन्होंने कहा कि अब राज्य के सभी गांवों में तिरंगा लहराना और भारतीय संविधान का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि नक्सली वार्ता को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें अपनी ओर से वार्ता के लिए समिति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी 10 से अधिक बार वार्ता के लिए पहल की, लेकिन नक्सली ही पीछे हटते रहे। अब यदि वे बातचीत करना चाहते हैं, तो उन्हें स्पष्ट प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा। 
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उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकार का रुख साफ है – बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हिंसा और खूनखराबे पर कोई समझौता नहीं होगा। नक्सलियों को हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करना होगा, तभी कोई सार्थक समाधान संभव है।
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