प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा
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Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर तंज कसा है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, असमानता और आर्थिक संकट के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि आम जनता महंगाई से त्रस्त है , लेकिन भाजपाई मस्त हैं। सरकार जवाबदेही से भाग रही है।
उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं में अनियंत्रित मूल्यवृद्धि से हालात दिन ब दिन बदतर हो रहे हैं, महंगाई मोदी निर्मित आपदा बन चुकी है। 2014 में जो गैस का सिलेंडर 410 रुपये का था, आज वह 984 रुपये के पार है, कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में सीधे तीन गुना से अधिक बढ़ा दिया। कु्रड आयल के दाम कम होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम कम नही किये जा रहे है। मुनाफाखोरी के लालच में जनता की जेब में डकैती डाली जा रही है, सरकार पेट्रोलियम कंपनीयों के साथ मिलकर लूटने का काम कर रही है। पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 108 रुपये प्रति लीटर के पार हो गए हैं, जबकि डीजल के दाम 55 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि आजादी के बाद से मई 2014 तक देश पर कुल कर्ज 55 लाख करोड़ रुपए था जो मोदी सरकार के बीते 12 साल के कार्यकाल में बढ़कर 255 लाख करोड़ रुपए हो गया है। हाल में आई 'ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट' ने बताया कि भारत में भुखमरी के हालात ये है कि हम पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से पिछड़ गए हैं। 116 देशों की सूची में हमारा देश 102 वें पायदान पर लुढ़क गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा है कि एनएसओ की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि देश में किसानों की औसत आमदनी मात्र 27 रुपये प्रतिदिन रह गई है, जो मनरेगा मजदूरी से भी कम है। वादे आय दोगुनी करनी के और असलियत में किसान की आय दसियों गुना कम कर दी गई। एनएसओ की रिपोर्ट में यह भी चौकाने वाला तथ्य सामने आया कि देश के हर किसान पर औसत 74,000 रुपये कर्ज है। एक तरफ सरकार किसानों का कर्जमाफ करने से इंकार करती है, दूसरी तरफ पार्लियामेंट्री कमेटी ने यह खुलासा किया है कि 2020-21 में मोदी सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स में कमी करके देश को 1,84,000 करोड़ का नुकसान पहुंचाया है। यह परिस्थितियाँ इसलिए निर्मित हुई क्योंकि मोदी सरकार ने पिछले वर्षों में डीजल के दाम बढ़ाकर और कृषि यंत्रों, खाद व कीटनाशक पर जीएसटी लगाकर खेती की लागत 25,000 रुपये हेक्टेयर बढ़ा दी।