केंद्रीय बजट 2023 को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। बजट को लेकर एक दूसरे पर हमलावर हैं। जहां बीजेपी इस वजट को शानदार और जनहित में केंद्र सरकार का लिया गया ऐतिहासिक कदम बता रही है, तो वहीं कांग्रेस बजट को निराशाजनक बता रही है।
रायपुर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता अमर अग्रवाल ने कहा कि 2014 से भाजपा की सरकार आई तब से आर्थिक सर्वेक्षण आया है। वो पूर्व बजट की कुशलता का परिणाम है तथा आज का जो बजट है ना केवल एक साल के लिए अपितु देश की भावी योजना को तय करने वाला बजट है। सबसे बड़ी बात हमारे देश में जो खासकर माध्यम वर्गी लोग है। आयकर में छूट करने का आग्रह रहा जिसे प्रधान मंत्री मोदी जी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जी का जिन्होंने 7 लाख रुपये तक कोई आयकर नहीं देना होगा। इसके साथ ही इस बजट में भविष्य की सारी सम्भावनाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। युवाओ के लिए पूरे विश्व में जो रोजगार मिल सकते है। उसकी प्राथमिकता के आधार पर कौशल उन्नयन और साथ ही 43 लाख युवाओ को कौशल उन्नयन में 3 साल तक स्टाईफन देना एक बहुत बड़ी योजना की शुरुआत की। महिलाओं के लिए 2 साल तक महिला सम्मान विकास योजना जिसमें उन्हें साढ़े 7 प्रतिशत की दर पर उन्हें ऋण इसके साथ ही सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले एफएमसीबी का सेक्टर है। उसमे अभी तक रोकी गई संपति या सीज संपति की 95% वापिसी एवं 1% ब्याज दर पर कमी आने वाले दौर मे हमारी देश की अर्थव्यवस्था का आधार बनेगा।
रोजगार का कोई रोड मैप नहीं : मोहन मरकाम
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि आज प्रस्तुत किए गए बजट में ना महंगाई नियंत्रण का कोई प्रावधान है और ना ही रोजगार का कोई रोड मैप। ना किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी का प्रावधान है, ना ही स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के आधार पर C-2 फार्मूले पर 50 प्रतिशत के लाभ। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार देने वाली महत्वपूर्ण योजना मनरेगा पर न बात, न खाद सब्सिडी, न खाद्य सब्सिडी मोदी सरकार के इस आखिरी पूर्णकालिक बजट में ना 2014 के घोषणापत्र का रोडमैप दिखा और ना ही 2019 के वादों पर कोई प्रावधान किए। 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने का वादा युवाओं से किया गया था 9 साल में 18 करोड़ रोजगार मिलने थे जिसके बारे में कोई बात नहीं, अब केवल 47 लाख युवाओं को 3 साल के लिए भत्ता देने का झांसा दे रहे।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कहा कि दुनियां के सबसे बड़े उपक्रम “रेलवे“ में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी मोदी सरकार की जिम्मेदारी से भागने का प्रमाण है। एक तरफ ऑटोमोबाइल खिलौने और साइकिल में कस्टम ड्यूटी घटाने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर रसोई गैस की चिमनी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा रहे मोदी सरकार की प्राथमिकता में न किसान हैं, ना रोजगार है और ना ही महंगाई से जूझ रही महिलाओं की समस्या।
आम जनता का खास बजट : सांसद अरुण साव
छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने केंद्र की मोदी सरकार के आम बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा, महिलाओं, बुजुर्गों, पिछड़ों, वंचितों, दलितों, जनजातीय समाज सहित हर वर्ग की आम जनता का खास बजट है। ऐतिहासिक टैक्स रिफॉर्म्स से सबको राहत मिली है। यह बजट, बुलंद भारत की मजबूत अर्थ व्यवस्था का प्रतीक है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस बजट ने छत्तीसगढ़ के लिए असीम संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। मिलेट मिशन का हमारे जनजातीय समाज को विशेष लाभ मिलेगा। एकलव्य विद्यालयों में भर्तियां होंगी तो वहीं हमारे तकनीकी शिक्षा संस्थानों को नवीन अवसर मिलेंगे। इस बजट में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का खाका तैयार हो गया है। समावेशी विकास पर आधारित यह बजट सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का प्रतिफल है जो देश के विकास में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। यह बजट घरेलू मोर्चे पर जन आकांक्षाओं की पूर्ति, जन संतुष्टि, संतुलन के साथ ही विश्व में भारतीय अर्थ व्यवस्था का डंका बजाने वाला बजट है। गांव गरीब किसान और कृषि के उत्थान की ठोस बुनियाद वाला बजट देश की युवा पीढ़ी के भविष्य को संवारने तत्पर है। यह रोजगार देने वाला बजट है। आम मध्यम वर्ग और आम जनता को राहत देने वाला बजट है।
देश को नई ऊंचाई देने वाला बजट : नारायण चंदेल
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने आम बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने गरीबों को मुफ्त अनाज के लिए 2 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। यह गरीब का चावल हड़पने वालों के लिए सबक लेने का अवसर है। भाजपा की मोदी सरकार गरीबों की चिंता करती है। गरीबों को मुफ्त इलाज, मुफ्त राशन, आवास, शिक्षा, रोजगार दे रही है। योजनाओं का विस्तार कर रही है। राहत देने के लिए प्रावधान बढ़ा रही है। किसानों की प्रगति के लिए इंतजाम किए गए हैं। कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप की परिकल्पना की है। आयकर में 7 लाख रुपये तक छूट दी है।छत्तीसगढ़ के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं और यहां की गरीब विरोधी, किसान विरोधी, युवा विरोधी, महिला विरोधी, कर्मचारी विरोधी सरकार हर बजट में निराश करती रही है।
सबका साथ, सबका विकास वाला बजट : सांसद सरोज पांडेय
राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने आम बजट को भारत की मजबूती का बजट निरूपित करते हुए कहा है कि देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जी ने आज देश का वर्ष 2023-24 का बजट संसद में प्रस्तुत किया। राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास के हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को प्रेरणाश्रोत मानते हुए इस बजट में देश के सभी तबकों, चाहे वह किसान हों, महिलाएं हों, व्यापारी हों, नौकरीपेशा वर्ग हो या समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े लोग हों, सभी को इस बजट में विकास की राह में आगे बढ़ने के लिए प्रावधान किया गया है । उन्हें देश की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर प्रदान किया गया है। यह गर्व का विषय है कि वैश्विक मंदी के इस दौर में भी आर्थिक प्रगति की दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो भारत के लिए एक बड़ी सफलता है।
बजट में जनजातीय समूह के लिए विशेष ध्यान : केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह
केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने आम बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि सुशासन राष्ट्र की प्रगति का मूलमंत्र है। हमारी सरकार ऐसी पारदर्शी और जवाब देह प्रशासन की व्यवस्था करने के लिए प्रतिबद्ध है जो आम नागरिक की बेहतरी और कल्याण के लिए कार्य करे, इन्हीं भावनाओं के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्ताव हमारी सरकार ने रखा है। बजट में समावेशी विकास, अंतिम व्यक्ति का विकास, अधोसंरचना एवं निवेश, सक्षमता को बढ़ावा, हरित विकास, युवा शक्ति और वित्तीय क्षेत्र को प्राथमिकता दी गयी है। इस बजट में जनजातीय समूह के लिए विशेष ध्यान रखा गया है। जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए विकास मिशन शुरू किया जाएगा, ताकि पीबीटीजी बस्तियों को मूलभूत सुविधाओं से परिपूर्ण किया जा सके।