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छत्तीसगढ़ विधानसभा: कांग्रेस के 30 विधायक एक दिन के लिए निलंबित, डीएपी उर्वरक आपूर्ति को लेकर कर रहे थे हंगामा

Thu, 17 Jul 2025 04:47 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

CG assembly Monsoon session 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को कांग्रेस के 30 विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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CG assembly Monsoon session 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को कांग्रेस के 30 विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। इन विधायकों ने राज्य सरकार पर डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) उर्वरक की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान हुए हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह को सदन की कार्यवाही दो बार के लिये स्थगित करनी पड़ी।
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प्रश्नकाल में यह मुद्दा उठाते हुए वरिष्ठ कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने राज्य में डीएपी की मांग और इसकी आपूर्ति के बारे में पूछा। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इस उर्वरक की कमी है। जवाब में राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि खरीफ फसल सीजन 2025 में, केंद्र द्वारा राज्य के लिए 3,10,000 मीट्रिक टन डीएपी का लक्ष्य रखा गया है।

'डीएपी की आपूर्ति में कमी दिखाई दे रही'
उन्होंने बताया कि केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने अप्रैल से जून 2025 तक 2,19,100 मीट्रिक टन की आपूर्ति योजना जारी की गई है, जिसके सापेक्ष 30 जून तक 1,08,155 मीट्रिक टन की आपूर्ति की जा चुकी है। पिछले सीजन (रबी 2024-25) के 40,746 मीट्रिक टन के बचत स्टॉक सहित कुल 1,48,900 मीट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि चालू खरीफ सीजन में 30 जून तक जारी आपूर्ति योजना के सापेक्ष डीएपी की आपूर्ति में कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए, किसानों के लिए वैकल्पिक फॉस्फेटिक उर्वरकों का भंडारण किया जा रहा है और उनके बीच इनके उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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पटेल ने दावा किया कि अभी तक कुल मांग का 50 प्रतिशत भी आपूर्ति नहीं हो पाई है और उन्होंने सहकारी समितियों और निजी क्षेत्र को दी गई मात्रा के बारे में पूछा। मंत्री ने कहा कि डीएपी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय में हैं। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई तक राज्य को कुल 18,885 मीट्रिक टन उर्वरक की आपूर्ति फिर से की जाएगी। गुरुवार को 718 मीट्रिक टन उर्वरक खरसिया (उमेश पटेल का निर्वाचन क्षेत्र) पहुँच जाएगा। यह सही है कि राज्य में डीएपी की कमी है और वैश्विक कारणों से पूरे देश में भी यही स्थिति बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए नैनो डीएपी उर्वरक को बढ़ावा दिया जा रहा है। 

नेताम ने कहा कि कुल डीएपी स्टॉक का 64 प्रतिशत सहकारी क्षेत्र को और शेष 36 प्रतिशत निजी क्षेत्र को दिया गया है। हालांकि, कांग्रेस सदस्यों ने दावा किया कि उर्वरक निजी क्षेत्र में उपलब्ध है और सहकारी समितियों में कमी का फायदा उठाकर दुकानदार इसकी कालाबाजारी कर रहे हैं और इसे ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर, कांग्रेस सदस्यों ने फिर से यह मुद्दा उठाया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए, वे सदन के वेल में आ गए और स्वतः ही निलंबित हो गए।

स्पीकर रमन सिंह ने विपक्ष के नेता चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित 30 कांग्रेस विधायकों को निलंबित करने की घोषणा की और उन्हें सदन से बाहर जाने को कहा। हालांकि, कांग्रेस सदस्य वेल में ही रहे और नारेबाजी करते रहे। बता दें कि 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के कुल 35 विधायक हैं।

बाद में रमन ने सदन की कार्यवाही फिर से स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर, अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि सदन से बाहर जाने के उनके बार-बार अनुरोध के बाद भी निलंबित विपक्षी विधायकों ने नियमों का उल्लंघन किया और वेल में ही रहे। उन्हें इस कृत्य से बहुत दुख हुआ है और उन्होंने उन्हें दिनभर के लिए सदन से निलंबित कर दिया।
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