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छत्तीसगढ़: छात्र के बाल काटने के मामले में स्कूल प्राचार्य के खिलाफ केस दर्ज, जानें क्या था पूरा मामला

Sat, 24 Oct 2026 02:46 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, महासमुंद

सार

पटेवा स्थित स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र के बाल काटने के मामले में प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। जांच में छात्र के मानसिक तनाव और स्कूल जाने के डर की बात भी सामने आई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पटेवा स्थित एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में अनुशासन के नाम पर चौथी कक्षा के एक छात्र के बाल काटने के मामले में पुलिस ने स्कूल की प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गोबरा नवापारा पुलिस ने किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत यह कानूनी कार्रवाई की है। पटेवा के इस स्कूल में 15 अक्तूबर 2025 को अनुशासन स्थापित करने के नाम पर छात्र के लंबे बालों की चोटी बनाकर कैंची से काट दी गई थी। इस घटना के बाद पीड़ित बच्चे को गंभीर मानसिक परेशानी और शारीरिक असुविधा का सामना करना पड़ा।
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स्वास्थ्य पर असर और नया स्कूल
बाल काटे जाने की घटना के बाद पीड़ित छात्र स्कूल जाने से कतराने और डरने लगा था। इसके कारण उसकी स्कूल में दैनिक उपस्थिति भी काफी अनियमित हो गई। परिजनों की शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर स्थित धन्वंतरी अस्पताल में छात्र की चिकित्सकीय जांच कराई गई। अस्पताल की 5 जून 2026 की चिकित्सकीय रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि बच्चा नींद न आने, मानसिक चिड़चिड़ेपन और स्कूल जाने के डर जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था। बच्चे के मन में बैठा भय कम न होने के कारण परिजनों ने अप्रैल, 2026 में उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करवा दिया।

शिक्षा विभाग की जांच और बयान
अभिभावकों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद शिक्षा विभाग के निर्देश पर दो प्राचार्यों की एक विशेष जांच टीम गठित की गई। इस जांच दल ने 31 जुलाई 2026 को स्कूल पहुंचकर मामले की विस्तृत पड़ताल की। टीम ने पीड़ित बच्चे, उसके माता-पिता, प्राचार्य पल्लवी मरार और संबंधित शिक्षकों के अलग-अलग बयान दर्ज किए। जांच के दौरान छात्र ने आरोप लगाया कि गृहकार्य पूरा न होने पर गणित के शिक्षक अजय कुमार देवांगन ने उसका कान मरोड़ा था। हालांकि, शिक्षक ने जांच के दौरान बच्चे को किसी भी प्रकार का शारीरिक दंड देने से साफ इन्कार किया। दूसरी ओर, प्राचार्य पल्लवी मरार ने बच्चों के बाल व्यवस्थित कराने की बात स्वीकार की।
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पुलिस कार्रवाई और समिति की सिफारिशें
जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों को भविष्य में बच्चों के साथ इस तरह का अमर्यादित व्यवहार न करने की चेतावनी देने की अनुशंसा की थी। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर गोबरा नवापारा पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी तथ्यों की प्राथमिक जांच कर रही है, जिसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।
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