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भाजपा ने कथित अश्लील सीडी मामले के आरोपी कैलाश को पार्टी से निष्कासित किया

Tue, 25 Sep 2018 07:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंत्री की कथित अश्लील सीडी मामले के आरोपी कैलाश मुरारका को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने मंगलवार यहां भाषा को बताया कि सीबीआई के आरोपपत्र में कैलाश मुरारका का नाम है। वह पार्टी का सक्रिय सदस्य था। सीडी कांड में मुरारका का नाम आने से पार्टी की छवि धूमिल हुई है। इसलिए उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। कौशिक ने कहा कि वह इस मामले के आरोपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को भी पार्टी से निष्कासित करने की मांग करते हैं।

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उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वस्थ राजनीतिक परंपरा रही है। उस परंपरा को कोई तोड़ने का प्रयास कर रहा है तब उस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (राहुल गांधी) को भी विचार करना चाहिए कि राजनीति की दिशा को कहां ले जा रहे हैं। इस मामले में बघेल को पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में झूठ और फरेब की राजनीति नहीं चलती। यहां अपने कार्यों और मतदाताओं के प्रति विश्वास करना चाहिए।

कैलाश मुरारका भाजपा का सक्रिय सदस्य था। वह राज्य में छत्तीसगढ़ प्रदेश तीरंदाजी संघ का सचिव है। इस संघ के अध्यक्ष रायपुर लोकसभा सीट से भाजपा के सांसद रमेश बैस हैं। अश्लील सीडी मामले की जांच कर रही सीबीआई ने सोमवार को आरोपपत्र प्रस्तुत किया था। इस आरोपपत्र में मुरारका का नाम सबसे ऊपर है। इस आरोपपत्र में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल, पत्रकार विनोद वर्मा, व्यवसायी विजय भाटिया, विजय पंड्या और रिंकु खनूजा का भी नाम है। आरोपियों में से एक रिंकु खनूजा ने इस वर्ष जून माह में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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सीबीआई की नोटिस के बाद सोमावार को बघेल, वर्मा और भाटिया सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए। इस दौरान अदालत ने वर्मा और भाटिया को जमानत दे दी लेकिन बघेल ने अपने लिए अधिवक्ता लेने और जमानत लेने से मना कर दिया था। बाद में बघेल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सोमवार को अदालत में मुरारका और पंड्या पेश नहीं हुए थे।

आरोपपत्र के मुताबिक प्रथम दृष्टि में आरोपियों ने राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए फर्जी अश्लील सीडी बनाने की साजिश की थी। साथ ही छवि खराब करने के लिए सीडी बंटवायी थी। इधर बघेल का कहना है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है तथा जेल में भी वह सरकार का विरोध करेंगे। छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित सीडी मामला तब सामने आया जब रायपुर जिले की पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को पिछले वर्ष 27 अक्टूबर को उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था।

वर्मा की गिरफ्तारी के बाद राज्य के लोकनिर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत की कथित अश्लील सीडी सार्वजनिक हो गई। मूणत ने इस मामले में यहां के सिविल लाइंस थाने में भी पत्रकार वर्मा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मूणत ने इस वीडियो को फर्जी बताया है। राज्य सरकार ने मंत्री की कथित अश्लील सीडी मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया और बाद में मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया।
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(इनपुट- भाषा)

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