छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं अन्य के खिलाफ बालको भूमि आवंटन मामले में रायपुर की जिला न्यायालय के दिए निर्णय को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं कांग्रेस ने अपने-अपने पक्ष में होने का दावा किया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल द्वारा वेदांता समूह के प्रबंधन वाली भारत एल्युमिनियम कंपनी 'बालको' जमीन आवंटन मामले में रायपुर के अपर सत्र न्यायधीश बीपी वर्मा की अदालत में दायर याचिका में डॉ. सिंह तत्कालीन मुख्य सचिव पी. जाय उम्मेन के साथ ही बालको के सीईओ गुंजन गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीबी) से जांच तथा धारा 200 के तहत मामले की सुनवाई का अनुरोध किया गया था।
बघेल की याचिका की एसीबी की जांच की मुख्य मांग को अदालत ने खारिज कर दिया लेकिन उसने धारा 200 में तहत मामले की सुनवाई करने का निर्णय लिया। भाजपा एवं कांग्रेस दोनों ही इस निर्णय को अपनी जीत के रूप में देख रहे हैं।
दूसरी ओर राजनीतिक एवं कानूनी जानकार इसे डॉ. सिंह की शुरुआती जीत एवं कांग्रेस को झटके के रूप में देख रहे है। उन्होने कहा कि अदालत अगर एसीबी जांच की मांग को स्वीकार कर लेती तो मुख्यमंत्री को राजनीतिक एवं कानूनी दोनों ही रूप से कांग्रेस को घेरने का मौका मिल जाता। धारा 200 के तहत मामले की सुनवाई होना सामान्य न्यायिक प्रक्रिया है।