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सीजी: बिलासपुर उपद्रव का मुख्य आरोपी राम सिंह ठाकुर गिरफ्तार, मध्यप्रदेश में छिपा था

Sat, 26 Sep 2026 05:21 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

जिले के खपरगंज क्षेत्र में हुए हिंसक विवाद मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और हिंदूवादी नेता राम सिंह ठाकुर को पुलिस ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिलासपुर जिले के खपरगंज क्षेत्र में हुए हिंसक विवाद मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और हिंदूवादी नेता राम सिंह ठाकुर को पुलिस ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से पकड़ा, जहां वह अपने एक मित्र के घर पर छिपा हुआ था।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नगर पंकज पटेल ने इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है। पुलिस आरोपी को बिलासपुर ले आई है और उसे शनिवार को न्यायालय में प्रस्तुत करेगी। 28 अगस्त की रात हुए इस उपद्रव के दौरान पथराव में तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी सहित नौ पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिलाधिकारी संजय अग्रवाल ने क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की थी।

वारके बाद से था फरार
वारदात के बाद से ही राम सिंह ठाकुर लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने उसे पकड़ने के लिए रायपुर समेत कई स्थानों पर दबिश दी, किंतु वह हाथ नहीं आया। इस बीच, पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड भाग गया है। छानबीन में पता चला कि वह कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बागेश्वर धाम भी गया था। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी पन्ना जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत ग्राम माकरी कुठार में अपने मित्र धीरेंद्र पटेल के निवास पर छिपा हुआ है। इस सूचना पर एसीसीयू की टीम ने तत्काल मध्यप्रदेश पहुंचकर दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा।
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उपद्रव और पुलिस पर हमला
यह विवाद 28 अगस्त की रात खपरगंज इलाके में युवाओं के दो गुटों के बीच शुरू हुआ था। सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश के कारण दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। दोनों ओर से लाठी-डंडे चले और भारी पथराव होने लगा, जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया। पुलिस बल ने स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े तथा लाठीचार्ज किया। उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर ही पथराव कर दिया, इसमें नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के विरुद्ध अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है।

दोनों पक्षों के करीब 100 आरोपी, 30 गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के करीब 100 लोगों को आरोपी बनाया है और उनके खिलाफ हिंसा तथा जानलेवा हमले जैसी गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब तक दोनों पक्षों के 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें एक पक्ष के मुख्य आरोपी सोहेल खान समेत 15 से अधिक लोग पकड़े जा चुके हैं, जबकि दूसरे पक्ष से भी एक दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं फरार रहने के दौरान आरोपी राम सिंह ठाकुर ने सामाजिक माध्यमों पर एक वीडियो जारी किया था। उसने स्वयं को निर्दोष बताते हुए दावा किया था कि धर्म के लिए लड़ने के कारण उसे निशाना बनाया जा रहा है। उसने पुलिस और जिहादियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए शीघ्र आत्मसमर्पण करने की बात कही थी। उसने जेल में अपनी हत्या की आशंका जताते हुए लोगों से माता-पिता का ध्यान रखने की अपील भी की थी। हालांकि उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय भागने का रास्ता चुना।
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