पुलिस ने नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रेन के जरिए प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप बिलासपुर भेजता था। पुलिस आरोपी को उत्तर प्रदेश के मथुरा से ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लेकर आई। यहां अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की टीम मुख्य सप्लायर की तलाश में उत्तर प्रदेश के मथुरा पहुंची थी। टीम ने मथुरा के गोविंद नगर क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी राहुल अग्रवाल (46) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने ट्रेन के जरिए प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया और ट्रांजिट रिमांड पर लिया, इसके बाद उसे बिलासपुर लाया गया। बिलासपुर पहुंचने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की। अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
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20 लाख की नशीली दवाएं पहले हो चुकी हैं जब्त
इससे पहले पुलिस ने 11 सितंबर को कार्रवाई करते हुए ग्राम गुड़ी लोनियापारा निवासी उग्रसेन लोनिया, मुकेश कुमार लोनिया और परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और करीब 20 लाख रुपए कीमत की प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल और टैबलेट बरामद की थीं। तीनों आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस को मथुरा निवासी राहुल अग्रवाल के बारे में सुराग मिला। जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी राहुल अग्रवाल के लगातार संपर्क में थे।
पुलिस के अनुसार राहुल अग्रवाल ही ट्रेन के जरिए आरोपियों के लिए प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप भेजता था। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी तलाश शुरू की और मथुरा पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।