बिलासपुर जिले में साइबर ठगों ने च्वाइस सेंटर संचालकों को कमीशन का झांसा देकर उनके खातों में पांच लाख रुपये से अधिक की ठगी की राशि जमा करवा ली और नकद रकम लेकर फरार हो गए। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन ने पीड़ित संचालकों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। परेशान संचालकों की शिकायत पर पुलिस के रेंज साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कमीशन का दिया झांसा
हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम खरकेना निवासी देवेंद्र रजक बिल्हा मोड़ के समीप लक्ष्मी च्वाइस सेंटर का संचालन करते हैं। बीते 5 अक्तूबर को नीले रंग की एक्टिवा पर सवार एक अज्ञात युवक उनके केंद्र पर पहुंचा। युवक ने संचालक देवेंद्र से कहा कि वह उनके बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से पैसे मंगवाएगा और इसके एवज में नकद राशि प्राप्त करेगा। उसने इस लेनदेन के बदले में संचालक को आकर्षक कमीशन देने का प्रलोभन भी दिया। संचालक के राजी होने पर युवक ने अपने मोबाइल फोन से दुकान का क्यूआर कोड स्कैन किया और किसी अन्य व्यक्ति को भेज दिया।
इस तरह हुआ फर्जीवाड़ा
क्यूआर कोड भेजे जाने के कुछ ही देर पश्चात संचालक के बैंक खाते में 16 हजार रुपये जमा हो गए। संचालक देवेंद्र ने अपने नियमानुसार 150 रुपये सर्विस चार्ज के रूप में काट लिए और शेष नकद रकम उस युवक को सौंप दी। अगले दिन जब संचालक भारतीय स्टेट बैंक की चकरभाठा शाखा पहुंचे, तो उन्हें जानकारी मिली कि संदिग्ध रकम खाते में आने के कारण उनके बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया है। जब उन्होंने मामले की पड़ताल की, तो पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार बन चुके हैं।
कई संचालक हुए शिकार
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने सिर्फ देवेंद्र को ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई अन्य च्वाइस सेंटर संचालकों को भी इसी तरह निशाना बनाया। आरोपी ने हिर्री से राकेश कौशिक, जरौंधा से राकेश साहू, उस्लापुर से छत्रपाल गेन्ड्रे, परसदा से दीपक वस्त्रकार, जरेली से राहुल साहू, रतनपुर से आकाश पालीवाल और कोटा निवासी भूपेंद्र सिंह के बैंक खातों में भी क्यूआर कोड स्कैन करवाकर ठगी की राशि ट्रांसफर कराई। रकम जमा कराने के उपरांत उसने सभी संचालकों से नकद रुपये ले लिए।
पुलिस कर रही पड़ताल
पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी नीले रंग की एक्टिवा से पहुंचे युवक और उसके साथियों का सुराग लगाने में जुटे हैं। पुलिस की साइबर सेल की टीम बैंक खातों के विवरण और आसपास के सुरागों के आधार पर ठगों की तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।