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एक करोड़ का मानहानि मामला: सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन एसडीएम समेत तीन को भेजा नोटिस

Wed, 14 Oct 2026 05:47 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

उच्चतम न्यायालय ने एक करोड़ रुपये के मानहानि मामले में सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन एसडीएम इंद्रजीत बर्मन समेत तीन लोगों को नोटिस भेजा है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को 28 नवंबर तक अपना स्पष्टीकरण और जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उच्चतम न्यायालय ने एक करोड़ रुपये के मानहानि मामले में सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन एसडीएम इंद्रजीत बर्मन समेत तीन लोगों को नोटिस भेजा है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को 28 नवंबर तक अपना स्पष्टीकरण और जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया है। यह संपूर्ण मामला उच्च न्यायालय के एक निर्णय के विरुद्ध जगदीश प्रसाद बंसल द्वारा शीर्ष अदालत में दायर की गई याचिका से जुड़ा हुआ है। इस प्रकरण में नोटिस जारी होने के पश्चात अब संबंधित पक्षों द्वारा दिए जाने वाले उत्तर पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
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शीर्ष अदालत में चुनौती
याचिकाकर्ता जगदीश प्रसाद बंसल ने उच्च न्यायालय के निर्णय को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका में उन्होंने एक करोड़ रुपये की मानहानि से संबंधित विषय को प्रमुखता से उठाया है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने तत्कालीन एसडीएम इंद्रजीत बर्मन और दो अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस प्रेषित कर उनका जवाब मांगा है। यद्यपि उच्च न्यायालय ने पूर्व में किन विशिष्ट आधारों पर राहत प्रदान की थी और याचिकाकर्ता ने किन मुख्य बिंदुओं को चुनौती प्रदान की है, इसका विस्तृत ब्योरा फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

आगे की विधिक प्रक्रिया
उच्चतम न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद इस पूरे प्रकरण में आगे की विधिक कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत द्वारा नोटिस जारी करने का सीधा अभिप्राय यह है कि पीठ केवल संबंधित पक्षों का दृष्टिकोण और पक्ष जानना चाहती है। इस कदम को स्वतः ही किसी पक्षकार के दोषी सिद्ध होने या याचिका में अंकित आरोपों की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अब इस मामले में आगे की अदालती कार्यवाही पक्षकारों की ओर से जमा किए जाने वाले जवाब और न्यायालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।
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जवाब दाखिल करने का समय
एक करोड़ रुपये की मानहानि से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में सर्वोच्च न्यायालय की आगामी सुनवाई बेहद खास रहने वाली है। संबंधित पक्षों द्वारा 28 नवंबर तक अपना पक्ष रखे जाने के बाद अदालत मामले के समस्त तथ्यों, कानूनी आधारों और उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उठाए गए बिंदुओं का सूक्ष्मता से अध्ययन कर सकती है। वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के अनुसार तत्कालीन एसडीएम इंद्रजीत बर्मन सहित तीन लोगों को नोटिस देकर 28 नवंबर तक का समय प्रदान किया गया है। प्रकरण की वास्तविक पृष्ठभूमि, मानहानि के कथित आधार और निचले न्यायालय के आदेश का विस्तृत ब्योरा सामने आने पर ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।
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