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Bilaspur: HC ने पूछा- इतनी ट्रेन रद्द क्यों करते हैं आप ?, ड्रिलिंग कर दुर्घटना से जुड़ी याचिका पर भी सुनवाई

Wed, 29 Jan 2025 08:16 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

बिलासपुर में यात्री सुविधाओं और रेलवे परिक्षेत्र में खराब सड़कों के मुद्दे पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने सुनवाई के दौरान रेलवे से पूछा इतनी ट्रेन रद्द क्यों करते हैं आप लोग?
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बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिलासपुर में यात्री सुविधाओं और रेलवे परिक्षेत्र में खराब सड़कों के मुद्दे पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने सुनवाई के दौरान रेलवे से पूछा इतनी ट्रेन रद्द क्यों करते हैं आप लोग? रेलवे की ओर से पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने बताया कि ट्रैक के अपग्रेडेशन का कार्य चल रहा है। एक साल में अपग्रेडेशन का काम पूरा हो जाएगा। फिर ट्रेन रद होने की समस्या कम हो जाएगी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्लेटफार्म नंबर 1 में मालगाड़ियों के खड़े रहने और यात्री ट्रेनों को अन्य प्लेफॉर्म में खड़े करने पर बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों की परेशानी के बारे पूछा। अधिवक्ता ने कहा कि जब यात्री ट्रेन आने का समय नहीं होता, तभी प्लेटफार्म 1 पर मालगाड़ियां आती हैं। बाकी समय ऐसा नहीं किया जाता। कोर्ट के पूर्व आदेश के परिपालन में बिलासपुर डीआरएम ने भी शपथपत्र में जवाब प्रस्तुत कर ट्रेनों के संबन्ध में जानकारी दी।

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कोर्ट ने एक अन्य रिपोर्ट के आधार पर बिलासपुर रेलवे स्टेशन से सटी सड़क की खराब हालत पर भी जवाब मांगा। रेलवे स्टेशन के पास गजरा चौक से शारदा मंदिर तक की सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस पर भी मंडल रेल प्रबंधक ने शपथपत्र दिया। साथ ही अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि शारदा मंदिर से गजरा चौक को लेकर टेंडर पहले ही कर दिया गया है। 31मई 2025 तक सड़क का काम पूरा हो जाएगा। इसके अलावा एक अन्य सड़क जो गजरा चौक से तारबाहर तक जाती है। उसका भी टेंडर हो गया है जो जून 2025 तक पूरी कर ली जाएगी। सुनने के बाद कोर्ट ने काम समय पर पूरे करने रेलवे को निर्देशित करते हुए याचिका निराकृत कर दी।

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रेलवे इंजन के व्हील्स पर ड्रिलिंग कर दुर्घटना से जुड़ी याचिका पर भी सुनवाई 
बिलासपुर में रेलवे इंजन के व्हील्स पर ड्रिलिंग कर दुर्घटना की आशंका से जुड़ी याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविन्द्र अग्रवाल की बैंच ने गंभीरता से मामले को सुना। रेलवे के द्वारा इस तरह से कोई कृत्य नहीं किए की जानकारी दी। वहीं इस मामले में एक दो सदस्यीय समिति बनाकर जांच गठित करने की बात कही गई। जिसके बाद कोर्ट ने रेलवे के जान माल की सुरक्षा को लेकर हिदायत देते हुए याचिका खारिज कर दी।

दरअसल इस मामले में एक कर्मचारी अमोश नाग ने जनहित याचिका 13 जनवरी 2025 को दाखिल की थी, जो रायगढ़ रेलवे के ऑपरेशनल विभाग में कार्यरत था। अमोश नाग ने आरोप लगाया कि रेलवे के अधिकारी अवैधानिक तरीकों से कार्य कर रहे हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। वहीं याचिका में दावा था कि रेलवे इंजन के व्हील्स पर ड्रिलिंग की जा रही है, जबकि इसके लिए पर्याप्त नए एक्सल उपलब्ध हैं। यह प्रक्रिया आरडीएसओ द्वारा प्रतिबंधित है और अल्ट्रासोनिक टेस्टिंग भी समय पर नहीं की जा रही है। उन्होंने इसे अधिकारियों के व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए किया जाना बताया। लेकिन कोर्ट ने रेलवे से जुड़े कर्मचारी होने पर और अन्य पहलुओं से इसे स्वीकार नहीं किया।  लेकिन विषय की गंभीरता देखते हुए स्वत संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करने का निर्णय लिया। 

चीफ जस्टिस ने केंद्र सरकार के वकील रमाकांत मिश्रा को स्पष्ट निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। बुधवार को हुई सुनवाई में रेलवे का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा ने बताया कि इस पूरे मामले में डीआरएम ने डिविजनल सेफ्टी ऑफिसर और डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की दो सदस्य वाली टीम गठित कर दी है। जिसमें सौरभ दवाक और अमित गुप्ता शामिल हैं। जिसकी जल्द रिपोर्ट आ जाएगी। वही व्हील्स की ड्रिलिंग को लेकर उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि ऐसा कोई कार्य नहीं किया जा रहा। डिवीजन बेंच ने रेलवे को निगरानी करने सहित लोगों की सुरक्षा की हिदायत देते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।
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