छत्तीसगढ़ में बिलासपुर शहर की सब खराब सड़कें अब बन गई हैं। यह जानकारी हाईकोर्ट को याचिकाकर्ता हिमांक सलूजा ने दी। इसके बाद कोर्ट ने जनहित याचिका को निराकृत कर दिया है। हिमांक ने कोर्ट को कहा कि, जिस उद्देश्य के लिए इस याचिका को लगाया गया था, वह अब पूरी हो गई है। सड़कें बन गईं हैं। इस कथन के आधार पर ही कोर्ट की डिवीजन बेंच ने याचिका डिस्पोज ऑफ़ कर दी।
दरअसल, शहर की खराब सड़कों को लेकर अधिवक्ता हिमांक सलूजा ने एक जनहित याचिका दायर की थी। इसके अलावा प्रदेश की खराब सड़कों को लेकर हाईकोर्ट ने स्वयं संज्ञान लिया था। सुनवाई के शुरू में ही हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव, प्रतीक शर्मा, राघवेन्द्र प्रधान को न्यायमित्र नियुक्त कर दिया था। इन सबने शहर में अलग- अलग इलाके का दौरा कर सडकों का निरीक्षण किया और रिपोर्ट पेश की थी।
सलूजा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस की डीविजन बेंच में सुनवाई निर्धारित थी। सुनवाई के दौरान ही याचिकाकर्ता सलूजा ने बेंच को खुद बताया कि, जिस उदेश्य को लेकर उनकी जनहित याचिका लगी हुई है, वह अब पूरा हो गया है। बिलासपुर की सभी सड़कें बन गईं हैं। इस वजह से इस याचिका की जरूरत नहीं रह गई है। इसे हाईकोर्ट ने रिकार्ड में लेकर याचिकाकर्ता के कथन के आधार पर याचिका डिस्पोज ऑफ़ कर दी।