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Bilaspur: कांग्रेस में मचे घमासान के बीच PCC की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी पहुंची बिलासपुर, जानें क्या है मामला

Mon, 24 Feb 2025 07:34 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

बिलासपुर में कांग्रेस के भीतर मचे घमासान और गतिरोध के बीच PCC की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी आज बिलासपुर पहुंची। यहां फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सीनियर कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू, अरुण वोरा और महेंद्र छाबड़ा ने शिकायतों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं से वन टू वन चर्चा की और कार्रवाई का फैक्ट चेक किया।
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PCC की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिलासपुर में कांग्रेस के भीतर मचे घमासान और गतिरोध के बीच PCC की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी आज बिलासपुर पहुंची। यहां फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सीनियर कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू, अरुण वोरा और महेंद्र छाबड़ा ने शिकायतों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं से वन टू वन चर्चा की और कार्रवाई का फैक्ट चेक किया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी शहर और ग्रामीण द्वारा की गई कार्रवाई से प्रभावित तमाम नेता और शिकायतकर्ता फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने वन टू वन कर अपनी शिकायत और निर्दोष होने का फैक्ट कमेटी के सामने रखा। 

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बताया जा रहा है, कमेटी ने जांच के दौरान शिकायतों व कार्रवाई के आधार की भी बारीकी से जांच की और संगठन के अधिकारों का भी फैक्ट चेक किया। प्रारंभिक जांच में ज्यादातर शिकायतों व कार्रवाई के पीछे फोटो, वीडियो साक्ष्य को आधार बनाया गया है। हालांकि, जांच में इन तमाम साक्ष्यों को लेकर भी अलग- अलग बातें सामने आई है। निष्कासित नेताओं ने इसपर अपना पक्ष रखते हुए खुद को पार्टी के प्रति निष्ठावान बताया है और संगठन के कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किया है। 

कुछ निष्कासित नेताओं ने जहां कार्रवाई को व्यक्तिगत द्वेष से जोड़ते हुए अपना पक्ष रखा है, तो कुछ ने अब तक के पार्टी में अपनी निष्ठा को आधार बनाया है। बताया जा रहा है, नेताओं ने इस दौरान संगठन के नेताओं पर मनमानी के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने तमाम शिकायतों का फैक्ट फाइल तैयार कर लिया है। कमेटी आगे रिपोर्ट बनाकर पीसीसी को सौंपेगी, जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।  गौरतलब है कि, जिला कांग्रेस कमेटी शहर व ग्रामीण ने पीसीसी प्रवक्ता, प्रदेश सचिव व प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव के निष्कासन की कार्रवाई और कांग्रेस विधायक के निष्कासन की अनुशंसा की है। जिसे लेकर पीसीसी की गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी जांच कर रही है।
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सीनियर कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू, अरुण वोरा और महेंद्र छाबड़ा ने शिकायतों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं से वन टू वन चर्चा की और कार्रवाई का फैक्ट चेक किया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी शहर और ग्रामीण द्वारा की गई कार्रवाई से प्रभावित तमाम नेता और शिकायतकर्ता फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने वन टू वन कर अपनी शिकायत और निर्दोष होने का फैक्ट कमेटी के सामने रखा। 

बताया जा रहा है, कमेटी ने जांच के दौरान शिकायतों व कार्रवाई के आधार की भी बारीकी से जांच की और संगठन के अधिकारों का भी फैक्ट चेक किया। प्रारंभिक जांच में ज्यादातर शिकायतों व कार्रवाई के पीछे फोटो, वीडियो साक्ष्य को आधार बनाया गया है। हालांकि, जांच में इन तमाम साक्ष्यों को लेकर भी अलग- अलग बातें सामने आई है। निष्कासित नेताओं ने इसपर अपना पक्ष रखते हुए खुद को पार्टी के प्रति निष्ठावान बताया है और संगठन के कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किया है। कुछ निष्कासित नेताओं ने जहां कार्रवाई को व्यक्तिगत द्वेष से जोड़ते हुए अपना पक्ष रखा है, तो कुछ ने अब तक के पार्टी में अपनी निष्ठा को आधार बनाया है। 

बताया जा रहा है, नेताओं ने इस दौरान संगठन के नेताओं पर मनमानी के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने तमाम शिकायतों का फैक्ट फाइल तैयार कर लिया है। कमेटी आगे रिपोर्ट बनाकर पीसीसी को सौंपेगी, जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।  गौरतलब है कि, जिला कांग्रेस कमेटी शहर व ग्रामीण ने पीसीसी प्रवक्ता, प्रदेश सचिव व प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव के निष्कासन की कार्रवाई और कांग्रेस विधायक के निष्कासन की अनुशंसा की है। जिसे लेकर पीसीसी की गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी जांच कर रही है।

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