छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसे जानकर हर कोई हैरान हो जाएगा। एक 14 साल के बच्चे के नाक से होते हुए सेफ्टी पिन उसके पेट में चली गई। गनीमत इस बात की रही सेफ्टी पिन गले या पेट में नहीं खुली। अगर यह पिन गले या पेट में खुल जाती तो समस्या और बढ़ जाती, क्योंकि इतने छोटे बच्चे का ऑपरेशन करना संभव नहीं है।
नुकीली चीज से नाक-कान साफ करना जोखिम भरा
बच्चे के पेट में सेफ्टी पिन जाने के बाद उसे शहर के अस्पताल में भर्ती किया गया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रिमझिम ने कई तरह की जांच के बाद एंडोस्कोपी से इस सेफ्टी पिन को बाहर निकाला। डॉ. रिमझिम ने बताया कि महिला अपने बच्चे का नाक सेफ्टी पिन से साफ कर रही थी, जो बेहद खतरनाक था। नाक या कान साफ करने के लिए सेफ्टी पिन का इस्तेमाल करना बहुत बड़ी गलती है। किसी को भी नाक या कान साफ करने के लिए सेफ्टी पिन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
इस तरह हुआ था हादसा
जब महिला बच्चे की नाक को साफ कर रही थी तो उसका मुंह खुला हुआ था। उसी समय महिला का एक और बच्चा पीछे से आया और मां के कंधे पर झूल गया। इससे महिला को तेज धक्का लगा और सेफ्टी पिन बच्चे की नाक से होते हुए उसके पेट में चली गई और छोटी आंत में फंस गई। गनीमत रही पिन गले या पेट में खुली नहीं।
ऐसे निकाली गई बच्चे के पेट से पिन
बच्चे के पेट से पिन निकालने के लिए उसको पहले बेहोश किया गया। फिर उसके मुंह में फोरसेप ( एक तरह का चिमटा) लगा केबल डाला गया। इसमें कैमरा भी लगा हुआ था। कैमरा कंप्यूटर स्क्रीन पर अंदर की तस्वीर दिखा रहा था। पिन छोटी आंत में फंसी हुई थी। केबल को बड़ी सावधानी के साथ छोटी आंत के अंदर ले जाया गया और फोरसेप से पिन को निकाला गया।