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बीजापुर तेंदूपत्ता सीजन 2026: प्रबंधकों की हड़ताल पर सरकार सख्त, तीन माह के लिए लागू हुआ एस्मा

Thu, 30 Apr 2026 05:50 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

बीजापुर में तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन शुरू होने से पहले प्रबंधक संघ की हड़ताल की चेतावनी पर छत्तीसगढ़ शासन ने एस्मा लागू कर दिया है। सरकार ने तेन्दूपत्ता कार्य को अत्यावश्यक सेवा घोषित करते हुए कर्मचारियों और प्रबंधकों को काम से इनकार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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बीजापुर तेंदूपत्ता सीजन 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ शासन ने तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन शुरू होने से पहले प्रबंधक संघ की हड़ताल की चेतावनी पर एस्मा लागू कर दिया है। सरकार ने तेंदूपत्ता कार्य को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया है। कर्मचारियों और प्रबंधकों को काम से इन्कार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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वनमण्डल बीजापुर में तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन एक मई 2026 से प्रस्तावित है। राज्य के प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर 27 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ज्ञापन रायपुर में सौंपा था। संभावित हड़ताल से तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य प्रभावित होने और शासन को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका थी। 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने 29 अप्रैल 2026 को यह कड़ा कदम उठाया। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में लगे सभी कर्मचारी और प्रबंधक अब अत्यावश्यक सेवाओं के अंतर्गत माने जाएंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी कर्मचारी या प्रबंधक अपने निर्धारित कार्यों के निष्पादन से इन्कार नहीं कर सकेगा। ऐसा करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा और नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को सुचारु रूप से संचालित करना है। इसका लक्ष्य संभावित आर्थिक नुकसान से बचाव करना भी है। यह आदेश राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से आगामी तीन माह की अवधि तक प्रभावी रहेगा।
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तेंदूपत्ता संग्रहण राज्य की वन आधारित अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे बड़ी संख्या में वनवासियों और श्रमिकों की आजीविका जुड़ी हुई है। यह कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का एक प्रमुख स्रोत है। इसकी सुचारुता राज्य की आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार का यह निर्णय हड़ताल को रोकने के लिए आवश्यक था। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार के इस निर्णय के बाद प्रबंधक संघ की आगे की रणनीति क्या होती है। तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य किस प्रकार आगे बढ़ता है, यह भी ध्यान देने योग्य होगा। सरकार और संघ के बीच आगे क्या बातचीत होती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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