बीजापुर डीएफओ जादव सागर रामचंद्र ने इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रायपुर में एक बैठक होनी है। बैठक के बाद अगले सप्ताह तक शासन स्तर पर गठित जांच दल बीजापुर पहुंचेगा। यह दल मामले की जांच करेगा।
बीजापुर के ईटपाल में 25 मई को एक निजी तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग लगी थी। इस घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी शासन स्तर पर गठित जांच टीम मौके पर नहीं पहुंची है। इससे स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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आगजनी में अताउर्रहमान के गोदाम में करीब 18 हजार बोरा तेंदूपत्ता जलकर नष्ट हो गया। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इसमें लगभग 6 करोड़ 77 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, स्थानीय सूत्रों का दावा है कि वास्तविक क्षति 10 करोड़ रुपये के आसपास हो सकती है। प्रबंध संचालक जिला यूनियन ने बिना विस्तृत जांच के दो वनरक्षकों को निलंबित कर दिया है। लेकिन नियंत्रणकर्ता अधिकारियों और गोदाम से जुड़े जिम्मेदारों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस कारण आम लोगों और विभागीय कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। एक निलंबित वनरक्षक ने उच्च अधिकारियों की जिम्मेदारी तय किए बिना निचले कर्मचारियों पर कार्रवाई का आरोप लगाया। इस बयान के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ लिया है।
जांच टीम के अब तक मौके पर न पहुंचने से लोगों में संशय गहरा रहा है। क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि आखिर जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है। क्या वास्तविक जिम्मेदारों तक कार्रवाई पहुंच पाएगी या नहीं, यह बड़ा सवाल है। हर बार की तरह छोटे कर्मचारी ही कार्रवाई की जद में आने की आशंका जताई जा रही है।
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डीएफओ का बयान
बीजापुर डीएफओ जादव सागर रामचंद्र ने इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रायपुर में एक बैठक होनी है। बैठक के बाद अगले सप्ताह तक शासन स्तर पर गठित जांच दल बीजापुर पहुंचेगा। यह दल मामले की जांच करेगा। डीएफओ ने यह भी कहा कि जांच टीम के आगमन की सूचना मीडिया को दी जाएगी। अब सभी की निगाहें शासन की जांच टीम पर टिकी हैं कि वह निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करती है या नहीं।