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तेदूपत्ता गोदाम अग्निकांड: निलंबित कर्मचारी ने विभाग-अधिकारियों पर उठाए सवाल, बोला- मुझे बनाया गया बलि का बकरा

Sat, 06 Jun 2026 08:05 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

बीजापुर में  25 मई की दोपहर ईटपाल स्थित अताउर्रहमान के निजी तेंदूपत्ता गोदाम में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद विभागीय कार्रवाई को लेकर नए सवाल खड़े होने लगे हैं।
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बीजापुर में  25 मई की दोपहर ईटपाल स्थित अताउर्रहमान के निजी तेंदूपत्ता गोदाम में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद विभागीय कार्रवाई को लेकर नए सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रबंध संचालक जिला यूनियन बीजापुर ने मामले में दो वनरक्षकों को निलंबित किए जाने के बाद अब एक निलंबित कर्मचारी ने विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए खुद को बलि का बकरा बनाए जाने का आरोप लगाया है।

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गौरतलब है कि आगजनी की घटना के बाद प्रबंध संचालक जिला यूनियन बीजापुर द्वारा गोदाम सहायक एवं वनरक्षक सुनील बुरका को निलंबित कर दिया तथा गोदाम सहायक वनरक्षक कामेश्वर एक्का के निलंबन का प्रस्ताव उपसंचसलक आईटीआर को भेजा था। लेकिन घटना के कई दिन बाद भी नियंत्रणकर्ता अधिकारियों और गोदाम प्रभारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से विभागीय निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।

निलंबित कर्मचारी का कहना है कि आग लगने की घटना में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि गोदाम की सुरक्षा और निगरानी की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी अब तक कार्रवाई से बाहर हैं। उनका आरोप है कि घटना के दौरान एक जिम्मेदार अधिकारी गोदाम से नदारद था, जबकि दूसरा अधिकारी आग बुझाने की बजाय अपने निजी वाहन को गोदाम परिसर से सुरक्षित निकलवाने में व्यस्त रहा।
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सवालों के घेरे में विभागीय जवाबदेही
घटना के बाद अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जब गोदाम की सुरक्षा की जिम्मेदारी अधिकारियों पर थी, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं? क्या जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रहेगी? आगजनी के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच होगी या नहीं? लाखों रुपये मूल्य के तेंदूपत्ते के नुकसान की जवाबदेही आखिर किसकी तय होगी?

तेंदूपत्ता जला, जवाबदेही नहीं तय
निलंबित कर्मचारी ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि यदि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उनका कहना है कि विभाग ने बिना संपूर्ण जवाबदेही तय किए केवल दो कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज
सूत्रों के अनुसार, यदि जल्द ही जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ सकता है। जिले में विपक्षी दल और जनप्रतिनिधि भी आगजनी की घटना में जवाबदेही तय करने की मांग उठा सकते हैं। ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विभाग केवल निलंबन तक सीमित रहेगा, या फिर आगजनी की घटना में वास्तविक जिम्मेदारों की भी जवाबदेही तय होगी? आने वाले दिनों में विभाग की कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी। वही इस बारे बीजापुर डीएफओ जादव सागर रामचंद्र ने कहा कि शासन स्तर पर बनी जांच टीम अभी यहां नहीं पहुंची है। एक दिनों में टीम यहां पहुंचकर जांच करेगी, जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कार्यवाही की जाएगी।

बीजापुर न्यूज

 

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