बीजापुर में जिले में साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में बीस हजार असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बीजापुर में जिले में साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में बीस हजार असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए ट्रेनिंग से लेकर अन्य तैयारी कर ली गई हैं। आने वाले दिनों में काम शुरू कर दिया जाएगा।
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कलेक्टर अनुराग पाण्डे के नेतृत्व में जन-जन साक्षर कार्यक्रम होंगे। 2027 तक शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार को सौंपी गई है। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण बीजापुर के जिला परियोजना अधिकारी विजेंद्र राठौर ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो को साक्षर बनाने के लिए गांव-गांव में उल्लास केंद्र शुरू किए जाएंगे।
स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से सभी को साक्षर करने का एक्शन प्लान बनाने राज्य स्तरीय तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 26 से 28 फरवरी को रायपुर में किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से उल्लास केंद्र स्कूलों में प्रारंभ किए जाएंगे व स्वंयसेवी की जिम्मेदारी शिक्षको,स्कूल कॉलेज के बच्चों,एन.सी.सी.के छात्र,डाइट के प्रशिक्षार्थी,महिला बाल विभाग के बीजादूतीर एवं प्रेरकों को सौंपी जाएगी।
राठौर के मुताबिक कार्यक्रम के तहत जिले में 20 हजार असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस केन्द्र में शिक्षार्थी को बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के साथ-साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल,व्यवसायिक कौशल विकास,बुनियादी शिक्षा एवं सतत शिक्षा दी जाएगी।