शिवनारायण पांडे ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा योजना का एक उन्नत और अधिक प्रभावी रूप है। मनरेगा में जहां 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी। इससे मजदूरों की आय बढ़ेगी और भुगतान सात दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होता है, तो विलंबित भुगतान पर अतिरिक्त राशि मजदूरों को दी जाएगी, जो मजदूरी पर ब्याज के समान होगा। यह मजदूरों को न्याय दिलाएगा और भुगतान में देरी की पुरानी समस्या का समाधान करेगा।
अधिनियम में खेती-किसानी को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोके जा सकेंगे, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर मिल सकें और कृषि गतिविधियाँ प्रभावित न हों। इससे ग्रामीण पलायन रुकेगा और कृषि उत्पादन को स्थिरता मिलेगी। भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि यह नया अधिनियम मनरेगा में पहले होने वाली धांधली, फर्जी मास्टर रोल और मशीनों के दुरुपयोग जैसी समस्याओं को स्वतः समाप्त करेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा। यह ग्रामीण विकास में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।
विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा: जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन। जल संरक्षण, नदी-नालों के सुधार, कटाव रोकने और सिंचाई संरचनाओं के विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास को भी मजबूती मिलेगी, जिससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे। यह अधिनियम स्थायी रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार, सुधाकर के जी सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।