केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने बयान जारी कर इसे देशभर के छात्रों और युवाओं की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर लगातार उठ रही आवाजों और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संघर्ष का परिणाम है।
विधायक ने कहा कि जब देश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता है, तो सरकारों को भी जनता की भावनाओं का सम्मान करना पड़ता है। उन्होंने इसे छात्रों के संघर्ष और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय में राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि इन घटनाओं से अभ्यर्थियों की मेहनत और उनके परिवारों की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचा है।
उन्होंने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनसे छात्रों में असंतोष बढ़ा। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निजी शिक्षा संस्थानों को बढ़ावा मिलने से आम और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
विधायक ने मांग की कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार सख्त कानून लागू करे तथा ऐसी व्यवस्था विकसित करे, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।