लगातार बारिश के बाद ऊफान पर आई इंद्रावती नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। आधी रात तक नदी का जलस्तर 17 मीटर तक पहुंच गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह 10 बजे तक यह घटकर लगभग 16.680 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार कमी आने से बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है।
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित भोपालपटनम तहसील का चंदनगिरी गांव रहा। भोपालपटनम के तहसीलदार लक्ष्मण राठिया ने बताया कि एहतियात के तौर पर चंदनगिरी गांव के 30 परिवारों को गुरुवार रात सुरक्षित रेस्क्यू कर राहत शिविर में पहुंचाया गया था। सभी प्रभावित ग्रामीण फिलहाल शिविर में ही रह रहे हैं, जहां प्रशासन की ओर से उनके भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
ये भी पढ़ें: Exclusive: संत रविदास की जयंती पर सियासत; छत्तीसगढ़ में बड़े कार्यक्रम के पीछे क्या है बीजेपी का प्लान? पढ़ें
तहसीलदार राठिया ने बताया कि बारिश थमने के बाद शुक्रवार सुबह से इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रही है और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़े पैमाने पर संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, जो राहत की बात है। हालांकि प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है। राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं तथा जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और बिना आवश्यकता जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।