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बीजापुर: राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर कांग्रेस का केन्द्र सरकार पर हमला, पीएम मोदी से मांगा जवाब

Thu, 16 Jul 2026 07:56 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

 जिला मुख्यालय बीजापुर में कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला।
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला मुख्यालय बीजापुर में गुरुवार को कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं। देश के कोने-कोने से गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और श्रद्धालु अपनी मेहनत की कमाई, बचत और आस्था लेकर राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आए थे। भाजपा, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और संघ परिवार के संगठनों ने लगभग तीन दशकों तक भगवान राम के नाम पर राजनीति की, देश के गरीब व मध्यम वर्ग से राम के नाम पर चंदा एकत्र किया और इसी आंदोलन के आधार पर सत्ता प्राप्त की।

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आज वही करोड़ों रामभक्त पूछने को मजबूर हैं कि भगवान राम के नाम पर जुटाया गया चंदा और चढ़ावा आखिर किसके संरक्षण में लूटा गया? यह केवल आर्थिक घोटाला नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं के साथ किया गया घोर विश्वासघात है।

उमाशंकर शुक्ला ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि अब तक सामने आए तथ्य अत्यंत गंभीर हैं क्योंकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। यह स्वयं इस बात का संकेत है कि मामला साधारण प्रशासनिक त्रुटि का नहीं, बल्कि एक बड़े घोटाले का है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने स्वयं सार्वजनिक रूप से बयान दिया है, जबकि ट्रस्ट की वित्तीय निगरानी, पारदर्शिता और संपत्तियों की सुरक्षा की सर्वोच्च जिम्मेदारी उन्हीं की थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रस्ट के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य गोपाल राव (गोपाल नगरकोटे) को हटाए जाने और उनकी स्थिति को लेकर भी गंभीर भ्रम और विरोधाभास सामने आए हैं।

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आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है, जबकि उन पर पूरे प्रकरण को दबाने और लीपापोती करने के आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए जा चुके हैं। यह जग जाहिर है कि ट्रस्ट के प्रशासनिक दांव-पेंच और शीर्ष नियुक्तियों में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की सक्रिय भूमिका रही है। एसआईटी अब राम मंदिर के बड़े आयोजनों के खर्चों की भी जांच कर रही है। 22 जनवरी 2024 की प्राण-प्रतिष्ठा पर लगभग 113 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसमें 8,000 अतिथि शामिल हुए। 25 नवंबर 2025 के छह दिवसीय कार्यक्रम पर लगभग 10.12 करोड़ रुपये खर्च किए गए। फर्जी रसीदें, नकद चढ़ावे, लेखा-जोखा और कथित हेराफेरी के अनेक आरोप सामने आए हैं। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही अब तक तय नहीं हुई है।

उमाशंकर शुक्ला प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आगे कहा कि देश जानना चाहता है-
1- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण पर मौन क्यों हैं?
2- क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरी, गोपाल राव और ट्रस्ट के अन्य शीर्ष पदाधिकारी इस पूरे प्रकरण में अपनी जवाबदेही से बच सकते हैं?
3- जब पूरा ट्रस्ट कटघरे में है, तो केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों?
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर ने कांग्रेस पार्टी की ओर से मांग की है
1- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने जवाब दें और स्पष्ट करें कि ट्रस्ट के गठन, शीर्ष नियुक्तियों और प्रशासनिक निगरानी में उनकी सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की क्या भूमिका रही है।
2- चंपत राय, अनिल मिश्रा और इस पूरे घोटाले में शामिल सभी प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए।
3- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस कथित लूट के पीछे कौन लोग हैं और किसके संरक्षण में यह सब वर्षों तक चलता रहा।
4- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए और धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों, प्रशासनिक विशेषज्ञों और स्वतंत्र सदस्यों के साथ एक नया, पारदर्शी और जवाबदेह ट्रस्ट गठित किया जाए।
5- चढ़ावे और चंदे का पूर्ण फॉरेंसिक ऑडिट — राम मंदिर के लिए प्राप्त समस्त चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद, आयोजनों और व्यय का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। वे करोड़ों भारतीयों की आस्था हैं। भगवान राम के नाम पर जुटाए गए धन की कथित लूट और उस पर पर्दा डालने की हर कोशिश देश की धार्मिक चेतना का अपमान है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की आस्था पर डाका डालने वालों को बचाने की नहीं, बल्कि बेनकाब करने और कानून के कठघरे में खड़ा करने की आवश्यकता है। प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित मौजूद थे।

बीजापुर न्यूज

 

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