छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को प्रेस वार्ता आयोजित की। कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से की गई अपील को "जख्मों पर नमक डालने" जैसा बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण किसान कर्जदार हो रहे हैं और महंगाई बेतहाशा बढ़ रही है।
शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों से उर्वरक का उपयोग कम करने को कह रहे हैं, जबकि देश में सात साल से इसकी कमी है। छत्तीसगढ़ को 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, लेकिन केवल 51 हजार मीट्रिक टन ही मिला है, जिससे किसान कर्जदार हो रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री के "वर्क फ्रॉम होम" और "तेल मत खाओ" जैसे बयानों की आलोचना की। शुक्ला ने कहा कि महंगाई से रसोई का बजट पहले ही बिगड़ा है, ऐसे में तेल कम खाने की सलाह बेमानी है। उन्होंने बताया कि मोदी राज में सोना 50 गुना महंगा हो गया है।
कांग्रेस नेता ने बताया कि पेट्रोल के दाम 70 रुपये से बढ़कर 100 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 55 रुपये से बढ़कर 95 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गए हैं। पिछले 12 साल में पेट्रोलियम उत्पादों पर कर लगाकर जनता की जेब से 47 लाख करोड़ रुपये निकाले गए हैं।
छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में डीजल-पेट्रोल की कमी से जनता जूझ रही है, जिससे स्टील उद्योग भी बंद पड़े हैं। शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में असफल रही है, जिससे आम लोगों की आय और बचत घटी है।
शुक्ला ने कहा कि देश में कुल तीन कच्चे तेल भंडारण केंद्र हैं, जिनका निर्माण कांग्रेस की यूपीए सरकार ने किया था। मोदी सरकार ने 12 साल में एक भी नया भंडारण केंद्र नहीं बनाया, जिससे आज देश गैस, पेट्रोल और डीजल संकट से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार के दौरान भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो मोदी राज में छठे स्थान पर पहुंच गया है। शुक्ला ने प्रधानमंत्री से अपने नेताओं को पहले डीजल बचाने की मांग की। प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी सहित जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।