पुनर्वासित माओवादियों और ग्रामीणों से पुलिस का संवाद
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नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में शांति और सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में पुलिस ने एक और पहल की। उसूर ब्लॉक के तर्रेम थाना क्षेत्र में पुलिस ने पुनर्वासित माओवादियों और ग्रामीणों के साथ संवाद किया। इस दौरान पुनर्वासित माओवादियों और ग्रामीणों के साथ क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, सद्भाव और विकास को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। बैठक में समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित माओवादियों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें शासन की पुनर्वास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने तथा परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत करने की समझाइश दी गई।
पुलिस ने बताया कि पुनर्वासित माओवादियों की थाना स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने और समाज में बेहतर पुनर्स्थापन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। बैठक में ग्रामीणों से गांव एवं आसपास के क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों, संदिग्ध व्यक्तियों अथवा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।
इस दौरान शासन की रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण एवं पुनर्वास संबंधी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई और पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया गया। ग्रामीणों की समस्याएं एवं आवश्यकताएं भी सुनी गईं तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया गया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस ने आत्मसमर्पित एवं पुनर्वासित माओवादियों से 15 अगस्त को समाज के साथ मिलकर राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं राष्ट्रप्रेम की भावना से मनाने की अपील की। पुलिस ने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और समाज की मुख्यधारा से जुड़ना ही बेहतर एवं सुरक्षित भविष्य का मार्ग है।
बैठक में युवाओं को शिक्षा, खेल एवं रोजगार से जुड़ने, बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने तथा गांव में आपसी भाईचारा मजबूत करने के लिए भी प्रेरित किया गया। पुलिस-जन सहयोग को क्षेत्र की शांति एवं विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कानून का पालन करने और हिंसात्मक गतिविधियों से दूर रहने की अपील की गई।