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Bijapur: जलजीवन मिशन फेल, इंद्रावती नदी के किनारे प्यासे हैं लोग, कनेक्शन तो लगे, पानी की समस्या जस की तस

Sat, 19 Apr 2025 05:30 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर तिमेड़ ग्राम पंचायत के भटपल्ली गांव में शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीण अब भी मोहताज है। पिछले कई दिनों से पानी के लिए जद्दोजहद वे कर रहे हैं।
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जल जीवन मिशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर तिमेड़ ग्राम पंचायत के भटपल्ली गांव में शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीण अब भी मोहताज है। पिछले कई दिनों से पानी के लिए जद्दोजहद वे कर रहे हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव के सभी घरों में नल कनेक्शन लगाए गए है। लेकिन नलो में पानी बराबर नहीं पहुंचता है। सुबह एक टाइम नल खोला जाता है। उसमें से भी दो-तीन बाल्टी ही पानी आकर बंद हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इंद्रावती नदी किनारे होने के बावजूद भी उन्हें पानी सही ठंग से सप्लाई नहीं हो रही है। वही इंद्रावती का पानी दूर-दूर तक पहुंचाया जा रहा है। इधर सरकार का दावा है कि भटपल्ली में जल जीवन मिशन की सौगात देकर 60 परिवारों को नल कनेक्शन से 254 ग्रामीणों को जीवनदायिनी सुविधा का लाभ मिल रहा है। 

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ज्ञात हो कि भोपालपटनम के तिमेड़ नदी के किनारे लगे हुए गांव फ्लोराइड पानी से ग्रसित है। उन गावों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करने कि योजना विफल साबित हो रही है। इसके आलावा रामपुराम, ओड़ागुड़ा, तिमेड़ में पानी की समस्या है। कई गांवों में फ्लोराइड पानी पीकर ग्रामीणों कि तबियत ख़राब हो रही है। इन गांवों के लोग वक्त के पहले बूढापन, कुबड़ापन, किडनी कि समस्या, दाँत, पिले, हाथ पैरो में दर्द जैसी बीमारी से परेशान है। इधर प्रशासन जल जीवन मिशन के तहत भटपल्ली में हुई यह पहल ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। लेकिन इसकी मैदानी हकीकत से रूबरू होने से पता चला कि पानी के लिए ग्रामीण किस तरह परेशान है।

जल जीवन मिशन फेल, समस्या जस की तस
भटपल्ली गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन का कार्य कर घरों में नल कनेक्शन लगाए गए है लेकिन उन नलो में पानी बराबर नहीं आता है। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यह योजना सिर्फ कागजों पर ही पूरी दिखती है लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत उद्देश्य अधूरा ही है ग्रामीनो का कहना है कि जब योजना शुरू हुई थी तो हमें लगा कि अब हमें शुद्ध पानी मिलेगा लेकिन आज भी हम नदी का पानी पीने को मजबूर हैं।
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अन्नाका पोरतोटी भटपल्ली निवासी ने बताया कि पिछले एक महीने से नालों में बराबर पानी नही आ रहा है,आता भी है तो बमुश्किल एक दो बाल्टी पानी पहुचता है तीन दिनों से पानी नही मिल रहा है,गर्मी के दिनों में बहुत दिक्कत होती है। भटपल्ली निवासी अनिता मड़पा ने कहा कि इंद्रावती नदी से हम लोग हंडी, गुंडी लेकर जाते है। पीने के पानी के लिए नल में पानी सही से नही आता है भीषण गर्मी में पानी की किल्लत होती है कुछ हेण्डपम्प भी है लेकिन वो भी खराब पड़े है और उसका पानी पीने योग्य नही है।

भटपल्ली निवासी कांता मड़पा ने कहा कि गाँव मे 6 हैडपम्प है। उसमें 2 खराब है, 60 मकानों वालो इस बस्ती में पानी की समस्या है। नल कनेक्शन शो पीस है। बहुत कम पानी आता है। इसकी शिकायत सरपंच और जनपद सदस्य से भी किये है लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है। तिमेड जनपद सदस्य तनुजा कुम्मर ने बताया कि तिमेड़ पंचायत में पेयजल की समस्या को लेकर रोजाना ग्रामीणों की शिकायत आती है। मेरे घर मे भी सही से पानी नही पहुचता है, मैने पीएचई के अधिकारियों को सूचना दी है,लेकिन कोई अमल नही हो रहा है।

तिमेड की सरपंच लक्ष्मी वासम ने बताया कि मेरे ग्राम पंचायत से  नल जल योजना के तहत दर्जनों गांवों में शुद्ध पानी दे रहे है। लेकिन मेरे गाँव के लोगो को पानी नही मिल रहा है। अगर ऐसे ही समस्या रही तो पंप हाउस के पास जल्द उग्र आंदोलन करेंगे। पीएचई के भोपालपटनम के उप अभियंता डीआर बंजारे ने बताया कि नल जल योजना का लाभ हर गांव में मिल रहा है, तिमेड़ में बिजली की समस्या रहती है, इस वजह से कभी कभी पानी नही पहुच पता है कुछ लोग नलों में डोडिया लगाकर रखे है इस वजह से भी पानी कम आता हैं हमने उसी गाँव के लड़कों को ऑपरेटर रखा है,ताकि देख रेख अच्छे से कर सके।

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