छत्तीसगढ़ के पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा ने बीजापुर में खेल सामग्री खरीदी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, क्षेत्रीय विधायक ने इसमें बड़ा खेला किया है। अपने चहेतों को ही टेंडर दिलाया। लोकल दुकानों से भी महंगी खरीद की गई। इसे लेकर पूर्व मंत्री ने तथ्य भी पेश किए हैं। कहा कि इसमें लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया है। पूर्व वन मंत्री गागड़ा ने रविवार को इसे लेकर मीडिया के सामने तमाम दस्तावेज रखे और स्थानीय विधायक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
टेंडर और स्थानीय दुकानों के दामों में काफी अंतर
पूर्व वन मंत्री गागड़ा ने कहा कि, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग की ओर से जिले में संचालित विभागीय छात्रावास, आश्रमों में निवासरत छात्र-छात्राओं के लिए खेलकूद सामग्रियों के क्रय के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। यह टेंडर बलरामपुर की ट्रेडर्स को दिया गया था, और ये सब स्थानीय विधायक के निर्देश पर हुआ था। उन्होंने कहा कि, टेंडर की खरीदी दर और बीजापुर के लोकल दुकानों की दर में जमीन आसमान का फर्क है। स्थानीय दुकानों में लूडो 25 रुपये में है, वहीं थोक खरीदी में 325 रुपये कीमत है।
उन्होंने कहा कि, चेस बोर्ड का स्थानीय मूल्य 150 रुपये है, उसे 1517 रुपये में खरीदा गया। इसी तरह से रस्सी, शतरंज बोर्ड गोटी, कैरम बोर्ड 32 इंच, फुटबॉल, रिंगबाल, क्रिकेट किट, बिल्डिंग ब्लाक, कैंडल एंड टोज बॉलिंग, इंडोर बास्केटबॉल, बैडमिंटन रैकेट, शटल कॉक पैकेट, लूडो, पिट्टूल इन सामग्रियों का कहीं अधिक दामों में खरीदी कर लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय दुकानों में सामान इतनी कम दर पर उपलब्ध है, तो इतनी अधिक दर पर टेंडर क्यों किया गया।
गागड़ा ने आरोप लगाया कि ये सिर्फ पैसे कमाने के नजरिये से खेल खेला गया है। खेल सामग्री खरीदी में विधायक का बड़ा खेला है। औने पौने दाम की सामग्री को अधिक दामों में खरीद कर विधायक लखपति ने बनने का खेल खेला है। इस प्रकार से करीब 49.72 लाख रुपये का सामान खरीदी की गई है। जो मनमाने ढंग से पैसे की बर्बादी है। गागड़ा ने कहा है कि यह सारी जानकारियां सूचना के अधिकार के तहत विभाग से दी गई हैं , जो कि प्रमाणित हैं।
जिले में एक भी इंडोर बास्केटबॉल खेल मैदान नहीं
गागड़ा ने यह भी कहा है सूचना के अधिकार के तहत यह बताया गया है कि जिले में खेलने के लिए एक भी इंडोर बास्केटबॉल खेल मैदान नहीं है। बावजूद एक हजार तीन सौ उनतालीस रुपये के दर से 980 बास्केटबॉल, एक लाख इकतीस हजार दो सौ पांच रुपये का खरीदी की गई। इस प्रकार की अनियमितता विभाग के जानकारी में क्यों नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब मैदान उपलब्ध नहीं है तो लाखों रुपये का टेंडर में बर्बाद करने की नौबत क्यों आन पड़ी। गागड़ा ने कहा कि भ्रष्टाचार का यह खेल निन्दनीय है। क्षेत्र की जनता का पैसा निजी फायदे के लिए दुरुपयोग करना दुर्भाग्य है।