बस्तर के आदिवासियों को तेलंगाना से बेदखल किए जाने पर सीपीआई ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। सीपीआई ने ज्ञापन के माध्यम से सूबे की भाजपा सरकार से पलायन आदिवासियों को फिर से पुनः बसाने की मांग की है।
सीपीआई का एक प्रतिनिधि मंडल बस्तर से पलायन कर तेलंगाना से बेदखल हुए आदिवासियों के मामले को लेकर गुरुवार को कलेक्टर जिला बीजापुर से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
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कलेक्टर से मुलाकात के बाद सीपीआई जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने कहा कि बस्तर में विगत 19 वर्ष पूर्व सलवाजुडूम नामक दमनकारी आंदोलन चलाया गया था। जिससे इस इलाके के जंगलों में रहने वाले आदिवासी जल जंगल जमीन से बेदखल होकर पड़ोसी राज्य आंध्र, तेलंगाना, महाराष्ट्र, ओडिशा में पलायन कर गए थे।
अब हालत ऐसे हो चुके हैं कि पड़ोसी राज्यों के प्रशासन इन्हें वापस अपने जिले में जाने को कह रहे हैं। आदिवासी परेशान हैं। इनकी परेशानियों को देखते हुए सुव्यस्थित ढंग से इन्हें सुरक्षित जगह पर पुनः बसाए जाने की मांग की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि इस पर कलेक्टर बीजापुर ने आश्वस्त किया है कि वहां के जिला प्रशासन से बात हो रही है। उनकी समस्या का निपटारा करने के लिए चर्चा चल रही है।
वहीं सीपीआई ने मुख्यमंत्री से ज्ञापन के माध्यम से बस्तर में आदिवासियों के शोषण को रोकने एवं उनके संरक्षण की बात भी कही है। इस दौरान सीपीआई के प्रतिनिधि मंडल में, राजू तेलाम, जेम्स कुड़ियाम, कोवाराम हेमला,सुखलु, आयतू, मसाराम, मगू, संजय झाड़ी, आदि उपस्थित थे।