नक्सल प्रभावित फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पल्सेगुण्डी में 9 फरवरी को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। यहां नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की सफल स्थापना की गई है। इस कदम को जिले में माओवादियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही और क्षेत्रीय विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
सुरक्षा और विकास का समन्वय
इस कैम्प की स्थापना से क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), मोबाइल नेटवर्क, सड़क और पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिलेगी और क्षेत्र में स्थायी शांति एवं विश्वास का वातावरण निर्मित होगा। वर्ष 2024 से अब तक जिले में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान 918 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 232 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं, जबकि 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आंकड़े सुरक्षा बलों की सतत और प्रभावी कार्यवाही को दर्शाते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति, माओवादी स्मारक ध्वस्त
इस कैम्प का उद्घाटन पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर सुन्दरराज पी. के मार्गदर्शन में तथा पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स रविन्द्र कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना, उप पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की, सिद्धार्थ बघेल एवं अनुविभागीय अधिकारी फरसेगढ़ अमन लखीसरानी की उपस्थिति में हुआ। यह कार्य छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत किया गया। कैम्प स्थापना के दौरान सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्यवाही में ग्राम पल्सेगुण्डी के जंगल क्षेत्र में माओवादियों द्वारा निर्मित अवैध स्मारक को भी ध्वस्त किया गया।