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Bijapur News: बीजापुर में 35वें सुरक्षा और जन-सुविधा कैंप की स्थापना, जन संवाद से बढ़ा विश्वास

Tue, 10 Feb 2026 04:39 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नौ फरवरी को नया सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प स्थापित किया गया। डीआरजी, जिला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की संयुक्त टीम ने दुर्गम जंगलों में कड़ाके की ठंड और पहुंचविहीन मार्गों के बावजूद साहस दिखाकर कैम्प लगाया।
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नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नक्सल प्रभावित फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पल्सेगुण्डी में 9 फरवरी को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। यहां नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की सफल स्थापना की गई है। इस कदम को जिले में माओवादियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही और क्षेत्रीय विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।

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सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई
इस नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना डीआरजी, जिला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 20वीं वाहिनी "सी" समवाय की संयुक्त टीमों द्वारा की गई है। इस कैम्प का मुख्य उद्देश्य नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, साथ ही स्थानीय नागरिकों को मूलभूत जन-सुविधाएँ उपलब्ध कराना भी है। यह कैम्प दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, पहुंचविहीन मार्गों और कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और उच्च मनोबल का परिचायक है।

यह कैम्प बीजापुर जिले में स्थापित किए गए कुल 35 नवीन सुरक्षा कैम्पों में से एक है, जो वर्ष 2024 से अब तक स्थापित हो चुके हैं। इन कैम्पों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है और विकास को नई दिशा दी है। यह कैम्प भोपालपटनम् से फरसेगढ़, सेण्ड्रा और गढ़चिरौली को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली इन्द्रावती नदी पर पुल निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जिससे भविष्य में नेशनल पार्क क्षेत्र के सुदूर गांवों को सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जोड़ा जा सकेगा।
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सुरक्षा और विकास का समन्वय
इस कैम्प की स्थापना से क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), मोबाइल नेटवर्क, सड़क और पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिलेगी और क्षेत्र में स्थायी शांति एवं विश्वास का वातावरण निर्मित होगा। वर्ष 2024 से अब तक जिले में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान 918 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 232 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं, जबकि 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आंकड़े सुरक्षा बलों की सतत और प्रभावी कार्यवाही को दर्शाते हैं।

 


वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति, माओवादी स्मारक ध्वस्त
इस कैम्प का उद्घाटन पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर सुन्दरराज पी. के मार्गदर्शन में तथा पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स रविन्द्र कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना, उप पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की, सिद्धार्थ बघेल एवं अनुविभागीय अधिकारी फरसेगढ़ अमन लखीसरानी की उपस्थिति में हुआ। यह कार्य छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत किया गया। कैम्प स्थापना के दौरान सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्यवाही में ग्राम पल्सेगुण्डी के जंगल क्षेत्र में माओवादियों द्वारा निर्मित अवैध स्मारक को भी ध्वस्त किया गया।

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जन संवाद से बढ़ा विश्वास
कैम्प स्थापना के पश्चात ग्राम पल्सेगुण्डी में एक जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए क्षेत्र में शांति, विकास और प्रशासनिक पहुंच में सुधार की उम्मीद जताई। सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों को भयमुक्त वातावरण, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास कार्यों का आश्वासन दिया, जिससे दोनों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग और अधिक मजबूत हुआ।
 

 

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