जिले का नगर पंचायत भोपालपट्टनम एक बार फिर विवादों में है। यह विवाद नगर पंचायत की करीब 14 दुकानों के आवंटन से जुड़ा है। स्थानीय लोगों और इच्छुक आवेदकों के बीच इसको लेकर असंतोष देखा जा रहा है।
आरोप है कि दुकानों के आवंटन से पहले सार्वजनिक नीलामी नहीं हुई। आवेदन आमंत्रित करने के लिए कोई सार्वजनिक विज्ञापन भी जारी नहीं किया गया। इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने पहले भी दुकानों के लिए आवेदन किया था। उन्हें कोई अवसर नहीं दिया गया। आरोप है कि बिना व्यापक सूचना के चुनिंदा लोगों को दुकानें आवंटित की गईं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव में मुनादी नहीं कराई गई। सूचना पट पर भी स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित नहीं हुई। कोई सार्वजनिक टेंडर या नीलामी भी आयोजित नहीं हुई। पूरी प्रक्रिया सीमित दायरे में रखी गई।
जानकारी मांगने पर कथित तौर पर कहा गया कि संबंधित लोगों को बुलाकर प्रक्रिया पूरी की गई थी। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इससे संबंधित अभिलेख सार्वजनिक होने चाहिए। दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने से लोगों का संदेह गहरा रहा है। नगर पंचायत के अन्य टेंडरों को लेकर भी विवाद बना हुआ है।
कुछ ठेकेदारों ने पूर्व में टेंडर प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई थी। यह मामला वर्तमान में एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पहले से ही सवालों के घेरे में है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया है।