बीजापुर तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 मासाराम कड़ियाम के खिलाफ विभागीय जांच में लापरवाही के आरोप सिद्ध होने पर उनकी एक वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोक दी गई है। कलेक्टर कार्यालय ने आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
बीजापुर तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 के खिलाफ शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के मामले में विभागीय कार्रवाई की गई है। जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद उनकी एक वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया गया है।
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शासकीय कार्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतना तहसील कार्यालय बीजापुर में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 मासाराम कड़ियाम को महंगा पड़ गया। विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद कलेक्टर कार्यालय ने उनकी एक आगामी वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है। यह दंड तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, कर्मचारी के खिलाफ शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की शिकायत प्राप्त होने पर पहले कारण बताओ नोटिस और आरोप पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद नियमानुसार विभागीय जांच शुरू की गई।
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जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने, दस्तावेज प्रस्तुत करने और प्रतिपरीक्षण का पूरा अवसर दिया गया। विभागीय जांच अधिकारी ने उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें लगाए गए दोनों आरोप सही पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-10 के तहत कार्रवाई करते हुए कर्मचारी की एक वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने का दंड अधिरोपित किया।
कलेक्टर कार्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रकरण का निराकरण कर उसे नस्तीबद्ध कर दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में भी शासकीय कार्यों में लापरवाही या दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।