छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आंगनबाडी कार्यकर्ता और सहायिका संघ नियमितिकरण की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया है। एक मंच से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
आंगनबाडी कार्यकर्ता और सहायिका संघ ने संयुक्त मंच के बैनर तले एकजुट होकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय के सांस्कृतिक भवन के सामने आंगनबाडी कार्यकर्ता व सहायिका संघ ने संयुक्त रूप से अपनी मांगो को लेकर एक दिवसीय धरना कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
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आंगनबाडी कार्यकर्ता व सहायिका संघ की जिलाध्यक्ष रेहाना खान ने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत मेहनतकश महिला कर्मियो को मूलभूत सुविधा दे। रेहाना खान ने आगे बताया कि पंचायत कर्मी, शिक्षा कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, पचायत सचिवों को सरकार नीति बनाकर उन्हें शासकीय कर्मचारी कर चुकी है। आंगनबाडी कार्यकर्ता विगत 50 सालों से कार्यरत हैं। आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को नियमित करते हुये शासकीय कर्मचारी घोषित करें।
प्रदेश आंगनबाडी कार्यकर्ता व सहायिका संघ की जिलाध्यक्ष रम्भा गागडा ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 21000 हजार और सहायिका को 17850 हजार रूपये जीने लायक वेतन दें।आंगनबाडी कार्यकर्ता को बिना उम्र बंधन के वरिष्टता क्रम में बिना परीक्षा के सुपरवाइजर के रिक्त शत प्रतिशत पद पर लिया जाये।
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इसी तरह सहायिकाओं को भी 50 प्रतिशत के बंधन को समाप्त कर कार्यकर्ता के पद रिक्त होने पर शत प्रतिशत वरिष्ठता क्रम में कार्यकर्ता के पद पर पदोन्नति किया जाए। इस धरना प्रदर्शन में जिले भर के करीब 2000 से ज्यादा कार्यकर्ता व सहायिका शामिल हुए थे।