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नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील! मौत का खौफ या सरकारी योजनाओं से प्रभावित? 30 नक्सलियों ने किया सरेंडर

Sat, 07 Feb 2026 03:42 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

बीजापुर में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे 'पुनर्वास से पुनर्जीवन' अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इस पहल के तहत, बीजापुर क्षेत्र में सक्रिय 30 नक्सलियों ने अपने हथियार डाल दिए और लाल गलियारे को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं।
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सरेंडर करने के लिये आते नक्सली - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बीजापुर में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे 'पुनर्वास से पुनर्जीवन' अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इस पहल के तहत, बीजापुर क्षेत्र में सक्रिय 30 नक्सलियों ने अपने हथियार डाल दिए और लाल गलियारे को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं। यह घटना नक्सली संगठनों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है और क्षेत्र में शांति तथा विकास के प्रयासों को मजबूती प्रदान करती है।

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नक्सलियों का समर्पण और पुनर्वास की राह
समर्पण करने वाले इन 30 नक्सलियों ने अपने हिंसक जीवन को त्यागकर एक नई शुरुआत करने का निर्णय लिया है। उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही 'पुनर्वास से पुनर्जीवन' योजना के तहत सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य उन नक्सलियों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना है जो हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की ओर लौटना चाहते हैं। पुनर्वास पैकेज के तहत, उन्हें शिक्षा, रोजगार के अवसर, और सुरक्षित आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे भयमुक्त जीवन जी सकें और समाज के विकास में योगदान दे सकें।

शांति और विकास की ओर बढ़ता बीजापुर
बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता रही है। 'पुनर्वास से पुनर्जीवन' जैसी पहलों के माध्यम से, सरकार नक्सलियों को हिंसा का मार्ग छोड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इन नक्सलियों के समर्पण से न केवल क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विकास की गति को भी बल मिलेगा। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल इस दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं कि अधिक से अधिक नक्सली हिंसा का त्याग कर शांतिपूर्ण जीवन अपना सकें। यह कदम क्षेत्र में विश्वास बहाली और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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