छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फाइल फोटो)
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धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में इसकी खरीदी के मुद्ददे पर सत्तारूढ़ कांग्रेस व विपक्षी भाजपा के बीच सियासी बवाल पैदा हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर षड्यंत्र रच कर धान खरीदी में खलल डालने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर आरोप लगाया कि वे खरीदी में बाधा डाल रहे हैं। भारतीय खाद्य निगम द्वारा खरीदी नहीं की जा रही है। बघेल ने इस मामले में पीएम नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और दखल देने की मांग की। मुख्यमंत्री का कहना है कि पीएम ने मदद का आश्वासन दिया है।
मामला राजीव गांधी किसान न्याय योजना से जुड़ा
दरअसल, छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक किसानों को समर्थन मूल्य के अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाती है। सीएम बघेल का कहना है कि डॉ. रमन सिंह और छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा यहां की राजीव गांधी किसान न्याय योजना को धान का बोनस बताने की कोशिश कर रही हैं। बकौल बघेल योजना में किसानों को प्रति एकड़ सहायता राशि दी जाती है।
किसान सम्मान निधि की तरह है न्याय योजना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि पिछले साल राज्य में हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की थी। जैसे केंद्र सरकार किसान सम्मान निधि देती है, उसी तरह हम राजीव गांधी किसान न्याय योजना में मदद करते हैं। इसमें धान के अलावा मक्का और गन्ना की फसलों को भी शामिल किया गया है। इसे बोनस बताना अनुचित है।
सिंहदेव बोले-केंद्र का रुख दुर्भाग्यपूर्ण
उधर, राज्य के पंचायत और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि धान खरीदी को लेकर केंद्र का रुख दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र ने 60 लाख टन चावल लेने की अनुमति दे दी। लेकिन एफसीआई अड़ंगे डाल रहा है।
केंद्र सरकार से बात करेंगे अधिकारी
छग के मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, केंद्र सरकार जब समय देगी, हमारे अधिकारी दिल्ली जाकर मामले में चर्चा करेंगे। केंद्र के अधिकारी भी यहां आकर धान खरीदी का पूरा ब्योरा देख सकते हैं।