Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ममत बनर्जी के समर्थन में सामने आए हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाया था जिसका समर्थन करते हुए बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार के कदमों के बारे में राज्यों को बताने से पहले इनकी सूचना लीक करना और मीडिया को बताना राज्य सरकारों के अधिकारों को कमजोर करने के समान है।
उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने भी प्रवासी श्रमिकों को लेकर ट्रेन भेजने से पहले राज्यों के साथ समन्वय ना करने और सूचना ना देने को लेकर चिंता जताई थी।
बघेल ने पीटीआई को बताया कि केंद के दौरे समेत कई अन्य चीजों में अगर केंद्रीय मंत्रियों के बयान दिए जाएंगे और अखबारों को सूचनाएं लीक की जाएंगी तो राज्यों का नाराज होना उचित है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार संकट के इस समय राजनीति कर रही है। पलानीस्वामी ने 31 मई से पहले रेल एवं विमानन सेवाओं की बहाली का विरोध किया था।
बघेल ने कहा कि कोई कदम उठाने से पहले राज्यों को विश्वास में लिया जाना चाहिए और अगर केंद्र ने समय पर प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श किया होता तो कई मुश्किलों को टाला जा सकता था।
बघेल के मुताबिक अगर केंद्र सरकार 24 मार्च से पहले प्रवासी मजदूरों के लिए रेल सेवा की बहाली का फैसला ले लेती तो श्रमिकों को इतनी परेशानी नहीं होती छत्तीसगढ़ में मजदूरों के लौटने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें कुछ लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।
भूपेश बघेल ने बताया कि कई गांवों में 16,000 से ज्यादा अलग निवास केंद्र बनाए गए हैं और यहां कामगारों को 14 दिनों के लिए रखा जाएगा।