भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में गुरुवार को हुए गैस रिसाव का असर अब भी बना हुआ है।
शुक्रवार को गैस रिसाव से प्रभावित 5 नए मरीजों को सेक्टर-9 के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कार्बन मोनो आक्साइड और मीथेन जैसी जहरीली गैसों से प्रभावित नए मरीजों की भर्ती ने जिला प्रशासन के इस दावे की पोल खोल दी है कि गैस रिसाव पर काबू कर लिया गया है।
गैस का प्रभाव बरकरार
सेक्टर-9 काफी बड़ा क्षेत्र होने से यह रिसाव नागरिक बस्तियों पर तो कोई असर नहीं डाल रहा है लेकिन इसका असर बरकरार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री रमनसिंह से बात करके पूरे मामले की जानकारी ली है। राज्यपाल शेखर दत्त ने शुक्रवार को ही प्लांट का दौरा किया है।
अब तक छह लोगों की मृत्यु इस हादसे में हो चुकी है।
14 लोगों का चल रहा इलाज
आईसीयू में अब भी छह मरीज भर्ती हैं, जिन्हें प्लांट का प्रशासन खतरे से बाहर बता रहा है। अस्पताल में आईसीयू के बाहर जिन 26 मरीजों को इलाज के लिए लाया गया था, उनमें से 15 की छुट्टी कर दी गई है। अब 14 का इलाज चल रहा है।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त ने शुक्रवार को प्लांट को दौरा किया और कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि ऐसी दुर्घटनाएं न हों। पुरानी मशीनरी को हटाया जाना चाहिए।
मजदूर यूनियनों ने प्लांट के प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन लीडर राजेश अग्रवाल का कहना है कि यहां हादसे होते रहे हैं लेकिन प्रबंधन ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामात नहीं किए। मशीने पुरानी लगी हैं। मशीनरी कमजोर और पुरानी होने के कारण ही यह हादसा हुआ है।