दुर्ग रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य ने रविवार को बेमेतरा पहुंचकर जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की समीक्षा की। पुलिस कंट्रोल रूम स्थित साइबर सेल में आयोजित बैठक में उन्होंने राजपत्रित पुलिस अधिकारियों को अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, सूचना तंत्र मजबूत करने और आम लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए। बैठक में बाहरी व्यक्तियों की निगरानी, बीट सिस्टम, साइबर अपराध और लंबित मामलों के निराकरण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
आईजी ने कहा कि मकान मालिक किसी बाहरी व्यक्ति को किराए पर मकान देने से पहले संबंधित थाने को इसकी सूचना दें। होटल और लॉज संचालकों को ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आधार कार्ड की जांच करने तथा उसकी जानकारी समाधान मोबाइल एप में दर्ज करने के निर्देश दिए गए। बस स्टैंड, चौपाटी और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया। साथ ही ठेला-गुमटी संचालकों, फेरीवालों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आईजी शांडिल्य ने थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने तथा स्थानीय लोगों से संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बीट पुस्तिका में क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां नियमित रूप से अपडेट करने को कहा। इसमें जुआ, अवैध शराब, गांजा और नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों के अलावा गुंडा एवं निगरानी बदमाशों, विवादित क्षेत्रों, अपराध के संभावित ठिकानों, पुराने विवादों और बाहरी लोगों की गतिविधियों की जानकारी शामिल करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध बाहरी व्यक्ति या अवैध रूप से रह रहे व्यक्ति की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके लिए टोल फ्री नंबर 18002331905 जारी किया गया है।
बैठक में आईजी ने लंबित अपराध, मर्ग, गुम इंसान और शिकायतों के मामलों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। नए आपराधिक कानूनों के तहत जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने मामलों में 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश करने की आवश्यकता बताई। तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रमाणिक रहे। साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर भी आईजी ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। गांवों, हाट-बाजारों और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को ऑनलाइन ठगी, एटीएम फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताने को कहा गया। वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल बैंक अकाउंट को तत्काल फ्रीज कराने और संबंधित मामलों में वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
आईजी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ जनता के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और मैत्रीपूर्ण रवैया जरूरी है। उन्होंने सूचना तंत्र को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर भी जोर दिया।