जिले के शासकीय पीजी महाविद्यालय में पदस्थ एक प्रोफेसर पर छात्राओं के साथ फोन पर कथित रूप से आपत्तिजनक और अशोभनीय बातचीत करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग को लेकर शिकायतकर्ता ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया है। जिला प्रशासन से शिकायत मिलने के बाद कॉलेज परिसर और स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।
फोन पर अशोभनीय बातचीत का मामला
शिकायतकर्ताओं की ओर से कलेक्टर कार्यालय में दिए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शासकीय पीजी कॉलेज के एक प्रोफेसर ने फोन पर कुछ छात्राओं के साथ अनुचित और आपत्तिजनक बातें की हैं। छात्राओं का कहना है कि प्रोफेसर का यह व्यवहार पूरी तरह से अमर्यादित था। इस शिकायत में मांग की गई है कि मामले के सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जाए और जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
कॉलेज प्रबंधन पर मामला दबाने का आरोप
कलेक्टर कार्यालय में सौंपी गई शिकायत में यह दावा भी किया गया है कि छात्राओं ने इसकी जानकारी सबसे पहले कॉलेज प्रबंधन और प्राचार्य को दी थी। आरोप है कि प्रबंधन और प्राचार्य ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेने के बजाय कॉलेज स्तर पर ही दबाने की कोशिश की। छात्राओं से कहा गया कि वे इसे कॉलेज परिसर के भीतर ही रखें और इस मुद्दे पर पूरी तरह से चुप रहें। कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण परेशान होकर शिकायतकर्ता को अंततः जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
प्रशासनिक जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
छात्राओं और शिकायतकर्ता की मांग के बाद अब मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। फिलहाल मामला शिकायत दर्ज कराने के स्तर पर ही है और इस संदर्भ में लगाए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जिला प्रशासन की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का वास्तविक सच सामने आ सकेगा। अब इस मामले में कॉलेज के विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की नजरें प्रशासनिक जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।