बेमेतरा जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने पदभार संभालने के बाद अपराध नियंत्रण पर जोर दिया है। उन्होंने विवेचना की गुणवत्ता सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित क्राइम मीटिंग में उन्होंने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
त्रिलोक बंसल ने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की विवेचना आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जाए। इसका उद्देश्य अपराधियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार करना है। साथ ही न्यायालय में दोषसिद्धि की दर बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि अपराधों की जांच केवल पारंपरिक तरीके से नहीं होनी चाहिए। इसके लिए डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों का समुचित उपयोग किया जाए।
आधुनिक तकनीक और ई-प्रक्रिया पर बल
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया। हर प्रकरण में ई-साक्ष्य का समयबद्ध व वैज्ञानिक तरीके से संकलन सुनिश्चित हो। न्यायालयीन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी रोकने के लिए ई-समन की समय पर तामील हो। ई-चालान निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने नफीस (एनएएफआईएस) और फिंगर प्रिंट प्रणाली का अधिकतम उपयोग करने को कहा। इससे अपराधियों की पहचान और जांच अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से विवेचना की गुणवत्ता बढ़ेगी। न्यायिक प्रक्रिया भी तेज होगी और अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने में मदद मिलेगी।
कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश
बैठक के दौरान त्रिलोक बंसल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए। प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाए। लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण हो और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं है। प्रभावी कार्रवाई कर अपराध पर अंकुश लगाना भी है। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना पुलिस का लक्ष्य है। क्राइम मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव, डीएसपी राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का, रक्षित निरीक्षक प्रवीण खलखो सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।