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Sukma: जेल जाने से पहले निरीक्षक ने व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा, 'नेताजी को बता देना', पढ़े पूरा मामला

Wed, 14 Aug 2024 02:21 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा (छत्तीसगढ़)

सार

सुकमा जिले में पत्रकारों के खिलाफ हुए षड्यंत्र मामले में जेल जाने से पहले निरीक्षक के द्वारा सोशल मीडिया में दिया गया संदेश अब राजनीतिक मोड लेता नजर आ रहा है जिस पर कांग्रेस भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए भाजपाइयों पर गंभीर आरोप लगा रही है।
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अजय सोनकर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुकमा जिले में पत्रकारों के खिलाफ हुए षड्यंत्र मामले में जेल जाने से पहले निरीक्षक के द्वारा सोशल मीडिया में दिया गया संदेश अब राजनीतिक मोड लेता नजर आ रहा है जिस पर कांग्रेस भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए भाजपाइयों पर गंभीर आरोप लगा रही है।

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बता दें कि बस्तर के दंतेवाड़ा और सुकमा जिले के चार पत्रकारों को उनके वाहन में षडयंत्र पूर्वक गांजा रखकर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के चिंतूर पुलिस के हवाले कार्यवाही किसी साजिश में आरोपों से घीरे कोण्टा के पूर्व थाना प्रभारी अजय सोनकर को जांच से पूर्व ही सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने लाइन अटैच कर दिया था । जिसके बाद जांच की विवेचना के बाद निरीक्षक अजय सोनकर को किरण चव्हाण ने निलंबित कर दिया। 

वहीं अजय सोनकर के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज किया गया और न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया इस कार्यवाही से ठीक पहले अजय सोनकर ने एक व्हाट्सएप ग्रुप पर निलंबन की कार्यवाही की ब्रेकिंग के नीचे संदेश लिखा है। जिसमें लिखा था कि नेताजी को बता देना। 
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गौरतलब है कि इस संदेश का स्क्रीनशॉट तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और बस्तर समेत प्रदेश भर के पत्रकारों में यह चर्चा का विषय भी बना हुआ है और कांग्रेस भी इस स्क्रीनशॉट पर ट्रोल कर रही है ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं कि निरीक्षक अजय सोनकर ने आखिर सोशल मीडिया ग्रुप में ऐसा क्यों लिखा । क्या वह किसी तरह का संदेश देना चाह रहे थे या फिर ये कुछ और ही था । हो ना हो इस हाई प्रोफाइल मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है । विपक्ष अब इस स्क्रीनशॉट पर जमकर राजनीति करता नजर आ रहा है।

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