छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम से दूसरे के नाम पर बैंक अकाउंट खुलवाया, इसके बाद लाखों रुपये का अवैध लेनदेन किया। पूरा मामला सेजबहार थाना क्षेत्र का है। घटना को अंजाम देने वाला ओडिशा का अंतर्राज्यीय आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
प्रार्थी गुलशन विश्वकर्मा ने आजाद चौक थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि मैग्गा फाइनेंस पुजारी चेंबर पचपेडी नाका रायपुर में कार्यरत था। प्रार्थी की मुलाकात मकरन्दा मेहर नामक व्यक्ति से हुआ, जिसने प्रार्थी का सरकारी विभाग में नौकरी लगाने की बात कहा जिससे प्रार्थी उसकी बात पर विश्वास कर उसके बोलने पर अपने नाम से फेडरल बैंक शाखा में खाता खुलवाया।
बैंक का पास बुक और एटीएम कार्ड को मकरन्दा मेहर अपने पास रख लिया। दो दिन मे वेरीफाई करने के बाद वापस करने कहा। दो माह बाद खाता और एटीएम वापस कर दिया। फेडरल बैक से 26 फरवरी 2025 को प्रार्थी को नोटिस मिला। इस पर प्रार्थी बैंक गया, तो बैंक के माध्यम से पता चला कि उसके खाता में अलग-अलग किश्तों में कुल 15 लाख 24 हजार रुपये का लेन-देन हुआ है। इसके साथ ही मकरन्दा मेहर मुकेश नेताम का भी खाता खुलवा कर पासबुक और एटीएम कार्ड को अपने पास रख कर अवैध लेन-देन करता रहा है।
मामले में पुलिस ने आरोपी की पतासाजी करते हुए प्रकरण में आरोपी मकरन्दा मेहर को पकड़कर पूछताछ करने पर आरोपी ने उक्त घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। जिस पर आरोपी मकरन्दा मेहर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी मकरन्दा मेहर 41साल बलांगीर ओडिशा का निवासी है।