भाटापारा के ग्राम बिटकुली में फैले डायरिया के प्रकोप पर अमर उजाला की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। लगातार तीन दिनों से गांव में डायरिया के मामलों में बढ़ोतरी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं तक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुहेला तक पहुंचना पड़ रहा था।
अमर उजाला ने इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उजागर करते हुए यह बताया था कि गांव में न तो कोई स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है और न ही पीने के पानी की जांच की जा रही है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया।
त्वरित कार्रवाई में लगाए गए 12 डॉक्टर, तीन पालियों में इलाज जारी
विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर ग्राम बिटकुली के पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में त्वरित प्रभाव से चिकित्सा शिविर लगाया गया। अब वहां तीन पालियों में लगभग 12 डॉक्टरों की टीम लगातार डायरिया पीड़ितों का इलाज कर रही है। साथ ही मरीजों को ORS घोल, जरूरी दवाइयां और प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जल जांच और स्वच्छता पर भी हुआ ध्यान केंद्रित
डॉक्टरों की टीम के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच भी शुरू कर दी गई है। गांव में जल स्रोतों की सफाई और क्लोरीनेशन का कार्य भी जारी है ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके। ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की इस पहल और मीडिया की सजगता की सराहना की है।