पंडित प्रदीप मिश्रा ने सोमानी की कथा सुनाई और उन्होंने शरीर के महत्व को बताया कि जीवन में जब शरीर मिलता है तो उसका उपयोग हमेशा बेहतर कार्यों के लिए करना चाहिए। यदि हम शरीर का दुरुपयोग करते हैं। बुरे कर्मों में पड़ते हैं। शराब मांस इत्यादि का सेवन करते हैं तो इसका परिणाम अगले जन्म में बेहद बुरा मिलता है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को शिव आराधना में रहने लीन रहकर सदैव जरूरत मंद लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पहला दिन था और कथा श्रोताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जब पूछा कि क्या परिवर्तन देखे हैं, आपके कथाओं के प्रचलन में बढ़ाने के बाद तो उन्होंने सीधे-सीधे कहा कि युवाओं में चेतना देखने को मिल रही है और अब होटल के बजाय शिवालियों में भीड़ देखने को मिलती है। नवयुवक बेटा-बेटी अब अच्छे संस्कारों की ओर बढ़ रहे हैं।
3 लाख के करीब पहुंचे भक्त
बालोद जिले में पहली बार मनी लिंग शिव महापुराण का आयोजन किया गया है। पंडित प्रदीप मिश्रा पहुंचे हुए हैं। इसका उत्साह भक्तों में देखने को मिला। पूरे छत्तीसगढ़ और पूरे देश भर से श्रोता यहां पहुंचे। लगभग तीन से चार लाख के बीच भक्तों की भीड़ दर्ज की गई। प्रशासन एवं पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था भी देखने को मिली। दोनों तरफ से लगभग 2 किलोमीटर दूर पार्किंग स्थल बनाया गया है।