घिना के किसान रामचंद्र पटेल ने बताया कि धान की बोवाई के बाद जितना पानी की जरूरत थी मिल नहीं पाया। जिनके पास बोर है वे तो सिंचाई कर ले रहे हैं। लेकिन जिनके पास बोर नहीं है वे सूखे की मार झेल रहे थे। जब यह बात संसदीय सचिव को पता चला तो उन्होंने तत्काल सिंचाई विभाग को पत्र लिखा और आज स्वयं उन्होंने बांध का गेट खोल कर पानी उपलब्ध कराया।
किसान का बेटा ही समझता है किसानों का दर्द - पलटू
हड़गहन के किसान पलटू राणा ने क्षेत्र के विधायक व संसदीय सचिव श्री कुंवर सिंह निषाद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान का बेटा ही किसानों का दर्द समझता है। कुंवर सिंह किसान का बेटा है इसलिए उसे हम किसानों की फिक्र रहती है। वे बहुत ही सजग विधायक हैं जो रात-रात भर क्षेत्र का दौरा कर जनता की सेवा में लगे रहते हैं। अभी किसानों की बड़ी समस्या पानी थी एक-एक घंटा बेहद कीमती माना जा रहा था। ऐसे में उन्होंने तत्काल मामले को संज्ञान में लेकर साबित कर दिया कि वे सच्चे सेवक हैं। हम हजारों किसान उनके आभारी रहेंगे।
65 गांव के लोगों को राहत, 12,145 हेक्टेयर में सिंचाई
सिंचाई विभाग के एसडीओ अजय सोनी ने बताया कि बड़गांव से मोहंदीपाठ क्षेत्र तक 65 गांव के 10,000 से अधिक किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। इससे 12, 145 हेक्टेयर में सिंचाई होगा। अभी 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जैसे-जैसे पानी आगे बढ़ेगा 400 क्यूसेक तक खोला जाएगा। माननीय संसदीय सचिव ने निर्देशित किया है जब तक अंतिम खेतों तक पानी पहुंच नहीं जाता। किसानों को पानी दिया जाए।