अतिक्रमण तोड़ने के लिए नोटिस जारी
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बालोद जिले के ग्राम धनेली के आधा दर्जन परिवार पंचायत के फरमान से परेशान हैं, उनका आशियाना तोड़ने फरमान जारी किया गया है जिसमें से एक परिवार का मुखिया दिव्यांग है जिसकी पत्नी गर्भवती है, अब ग्रामीण प्रशासन से आशियाना बचाने आस लगाए बैठे हैं, दरअसल ग्राम धनेली में कई जगह अतिक्रमण कर अवैध रूप से मकान का निर्माण किया गया है बावजूद इसके 6 परिवारों को टारगेट कर उनका आशियाना तोड़ने नोटिस जारी किया गया है जिसके बाद से यह परिवार परेशान हैं।
बारिश में कौन छीनता है घर
दिव्यांग जगदीश कुमार साहू ने बताया कि एक एक पैसा जोड़कर हमने घर बनाया है मेरी पत्नी गर्भवती है ऐसे में बारिश में घर तोड़ने का नोटिस दिया गया है आखिर हम इस बरसात में कहां जायेंगे हम प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हुए हैं कि हमें मदद करे, हमने पक्का मकान बनाया है, पंचायत और ग्राम के कुछ प्रमुखों के इस व्यवहार से हम काफी परेशान हैं हम रातों को सो नहीं सकते, क्या मेरी पत्नी का बच्चा हुआ तो मैं उसे झोपडी में रखूंगा क्या। ग्रामीण लक्ष्मी तिवारी ने बताया कि हमें कहा जा रहा है कि यह गौठान के आसपास की जमीन है लेकिन हम तो गौठान से काफी दूर निवास कर रहे हैं, हमें टारगेट कर परेशान किया जा रहा है।
गांव में है भारी अतिक्रमण
पीड़ित आधा दर्जन परिवारों के सदस्यों के ऊपर अचानक आए इस नोटिस रूपी मुसीबत से लोग परेशान हैं, उन्होंने बताया कि गौठान के आसपास काफी घर बना हुआ है और उसे पहले कार्रवाई करनी चाहिए इतनी दूर हम निवास कर रहे हैं तो हमें क्यों टारगेट किया जा रहा है, यहां निवासरत लोग ज्यादातर रोजी मजदूरी कर रहे हैं और अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
कुछ घर अवैध जगह पर फिर भी मिला आवास का लाभ
जहां नोटिस जारी किया गया है उसके आसपास के कुछ घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हुए हैं अब सवाल यह उठता है कि आखिर अवैध जगह बने प्रधानमंत्री आवास को बिना दस्तावेज इस योजना का लाभ कैसे मिल गया जबकि इसके लिए वैध पट्टा या लगानी जमीन की आवश्यकता होती है।